उदयपुर में आज से ठीक एक साल पहले हुए देवराज हत्याकांड मामले में मृतक के परिजनों को अभी तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। इसके लिए परिजन कभी कलेक्टर तो कभी शहर विधायक ताराचंद जैन से कई बार गुहार लगा रहे हैं। घटना के वक्त प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 51 लाख
सहेलियों की बाड़ी के सामने बूथ लगा लगाया, जहां पिता पप्पूलाल जूते-चप्पल की दुकान करते हैं। मुआवजे के 31 लाख रुपए मिल चुके, बाकी 20 लाख के लिए पिता भटक रहे हैं। आज देवराज हत्याकांड की पहली बरसी है। देवराज के माता-पिता आज भी घर के हर उस कोने में बेटे को ढूंढते हैं, जहां बेटा खेला करता था। परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहा है।

प्रशासन की ओर से देवराज के पिता के लिए सहेलियों की बाड़ी के सामने बूथ लगाया था, जहां उनकी शूज की दुकान है।
पिता बोले-कलेक्टर और विधायक से कई बार मिल चुका देवराज के पिता पप्पूलाल ने बताया कि वे कलेक्टर नमित मेहता और विधायक ताराचंद जैन के पास बाकी मुआवजा राशि को लेकर तीन से चार बार मिल चुके हैं। वहां से सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है कि राशि जल्द आ जाएगी। बेटा देवराज ही इकलौता सहारा था, जो चला गया। अब देवराज के हत्यारे और उसके पिता को जल्द सजा मिलनी चाहिए। आरोपियों को जमानत या दूसरी कोई राहत नहीं मिलनी चाहिए।
साथी छात्र ने स्कूल के बाहर चाकू मारकर कर दी थी हत्या घटना 16 अगस्त 2024 को भट्टियानी चोहट्टा स्थित सरकारी स्कूल के ठीक बाहर की है। जहां समुदाय विशेष के छात्र ने 10वीं के छात्र देवराज की जांघ पर चाकू मार दिया था। उसकी नस कटने से खून काफी ज्यादा बह गया। स्कूल के ही दो छात्र और टीचर घायल देवराज को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। जहां इलाज के दौरान 19 अगस्त को उसकी मौत हो गई। चाकू मारने वाला छात्र भी नाबालिग था। घटना के बाद शहर में तनाव फैल गया। आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद करवा दिए। कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनी हुई।
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