डिग्गी कल्याणजी मेले में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने भी धोक लगाईं।
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डिग्गी कल्याणजी महाराज का पांच दिवसीय मेले का सोमवार को विधिवत समापन हो गया। आखिरी दिन हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रदेशभर के अलावा मध्यप्रदेश सहित देशभर से श्रद्धालु आए और कल्याणजी महाराज के धोक लगाकर आशीर्वाद लिया।
जयपुर से 60 साल से आ रही लक्की पदयात्रा भी आज पहुंची और कल्याण जी महाराज के दरबार में शाही ध्वज निशान चढ़ाया। गंगोत्री से लाए गए पवित्र जल से श्री कल्याण जी महाराज के चरणों में अभिषेक किया गया।
इसमें डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा भी सपरिवार शामिल हुए और कल्याणजी महाराज के चरणों में धोक लगाकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने हाथों से पूजा-अर्चना कर ध्वज निशान को श्रीजी महाराज को समर्पित किया।
इस मेले में कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए भी पहुंचे तो कई शिव भगवान, कृष्ण भगवान का स्वांग करके पहुंचे। मेले में जयपुर पदयात्रा संघ के संचालक श्रीजी शर्मा ‘लोहे वाले’ ने भी विशेष पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर में शाही ध्वज चढ़ाया।

कई पदयात्री दंडवत करते मंदिर पहुंचे ।
31 जुलाई को ताड़केश्वर मंदिर से शुरू हुई थी पदयात्रा 31 जुलाई को जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई यह विशाल यात्रा 4 अगस्त को डिग्गी पहुंची। 60वीं विशाल पदयात्रा डिग्गी रोडवेज बस स्टैंड पर पहुंची। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन, नृत्य और जयघोषों के साथ श्रद्धालु झूमते-गाते मंदिर की ओर बढ़े। रास्तों में ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने पदयात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
डिप्टी सीएम ने शाही ध्वज की पूजा अर्चना की शोभायात्रा जैसे ही मेला कंट्रोल रूम पहुंची, वहां डिप्टी मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने शाही ध्वज की पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्री कल्याणजी को नमन किया। शाही ध्वज चढ़ाने से पूर्व यात्रा चौपड़ चौराहा पहुंची, जहां पर एक और भव्य स्वागत समारोह का आयोजन हुआ। इसके बाद यात्रा गाजे-बाजे के साथ श्री कल्याण मंदिर परिसर पहुंची, जहां पर विधिवत पूजा-अर्चना करवाई गई। पंडित विजय नारायण शर्मा, आशुतोष शर्मा, पिंटू शर्मा, रामू शर्मा, और पंडित लेखराज शर्मा ने पूजा संपन्न करवाई।
आकर्षक झांकियां निकाली गईं गंगोत्री से लाए गए जल से अभिषेक करवाकर शाही ध्वज श्री जी महाराज के चरणों में अर्पित किया। 31 जुलाई से 4 अगस्त तक चले डिग्गी लक्खी मेले में लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं ने श्री कल्याण जी महाराज के दर्शन किए। मंगला आरती से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा। मंदिर परिसर, बाजार, तालाब पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। विशाल शोभायात्रा में विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां निकाली गईं। इनमें भगवान शिव, हनुमान जी, राधा-कृष्ण, राम दरबार और कई धार्मिक झांकियां थी।
जयपुर पदयात्रा संघ के संचालक श्रीजी शर्मा ने बताया कि शाही ध्वज को गंगोत्री से जल से छिड़काव कर कल्याण जी महाराज के चरणों में अर्पित कर इसे वापस ले जाकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है।
शर्मा ने बताया कि यह 60 साल पुरानी परंपरा है, जिसमें ध्वज को वापस ले जाया जाता है और इसे वापस अपने सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। इस दौरान मालपुरा एसडीएम अमित कुमार चौधरी, मालपुरा एएसपी मोटाराम बेनीवाल, मालपुरा पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत और डिग्गी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी हंसराज चौधरी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को संभाला।
तीन महीने से अन्नपूर्णा रसोई बंद जयपुर पदयात्रा संघ के संचालक श्रीजी शर्मा ने बताया कि 60वीं लक्खी पदयात्रा हर साल आती है। इसमें करीब 3 लाख पदयात्री आते हैं। लक्खी मेले के दौरान अव्यवस्थाएं भी दिखाई दी। डिग्गी सरकारी अस्पताल के पास स्थित अन्नपूर्णा रसोई, जो सामान्य दिनों में आम लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराती थी। करीब तीन महीने से बंद पड़ी है। मेले जैसे भीड़-भाड़ वाले अवसर पर भी इसे चालू नहीं किया गया। इससे हजारों श्रद्धालुओं को भोजन व्यवस्था में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
अंडर ग्राउंड केबलिंग कार्य से परेशान हुए श्रद्धालु
डिग्गी कस्बे में करीब 20 महीने पहले शुरू हुआ अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। सड़कों के किनारे उखड़ी ज़मीन,बाहर निकले वायर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। डिग्गी कल्याण मंदिर परिसर के बाहर लगे श्रद्धालुओं के हवा के लिए पंखे भी खराब पड़े नजर आए,कहीं चालू नजर आए तो कहीं बंद नजर आए। डिग्गी निवासी मदन सिंह खंगारोत ने देर रात नुक्कड़ से डिग्गी की ओर रोडवेज बस नहीं आने को लेकर डिप्टी सीएम को अवगत करवाया। इस पर डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द शिकायत का निस्तारण किया जाएगा।
इनपुट: दीपांशु पाराशर,डिग्गी ।
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