डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात की।
डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में मोनिका गुप्ता, सचिव, हेनीमैन चैरिटेबल मिशन सोसाइटी सहित अन्य विषय विशेषज्ञ भी शामिल थे। उन्होंने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंप
ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान में 3,642 पंजीकृत गोशालाएं हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। राज्य में 2.19 करोड़ गोवंश मौजूद हैं, जो जैविक खेती का मजबूत आधार बन सकते हैं।
राजस्थान की 1.79 करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि में से बड़ी मात्रा में भूमि रासायनिक खेती से मुक्त है। इसे आसानी से जैविक खेती में परिवर्तित किया जा सकता है।
प्रस्ताव के अनुसार, गोशालाएं जैविक खाद, कीटनाशक और फसल वृद्धि कारक उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर केंद्र बन सकती हैं। इससे रोजगार सृजन भी होगा।

राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर राजस्थान को “जैविक और गौ आधारित राज्य” घोषित करने की सिफारिश करने का आग्रह किया।
किसानों की आय में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है और रासायनिक लागत में भारी कमी आएगी। इस योजना से राजस्थान जैविक मॉडल राज्य के रूप में विश्व में स्थापित हो सकता है।
ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया और अखिल भारतीय गोशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा- राजस्थान की धरती, गाय और किसान – तीनों हमारी धरोहर हैं। यदि नीति-निर्माता सही दिशा में पहल करें, तो हम राजस्थान को न केवल जैविक राज्य बना सकते हैं, बल्कि उसे विश्व स्तर पर एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं।
इस पहल से युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण, भूमि और जल की रक्षा होगी। गौशालाओं को आर्थिक सबलता मिलेगी और सरकारी अनुदान पर निर्भरता कम होगी।
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