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कैबिनेट मिनिस्टर जोगाराम पटेल रविवार की सर्किट हाउस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात की।

प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर जोगाराम पटेल ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि प्रदेश में स्टेट हाइवे पर फिलहाल छूट को लेकर कोई निर्णय नहीं किया गया है। बता दें कि शनिवार को राजधानी जयपुर में प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीट

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मंत्री पटेल ने कहा कि ये केंद्र सरकार की स्कीम है। फिलहाल ये केंद्र के टोल नाकों पर लागू होगा। स्टेट के टोल नाकों को लेकर मंथन किया जा रहा है।

बता दें पूर्व में वसुंधरा राजे के कार्यकाल में प्रदेश में स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स माफ कर दिया गया था, लेकिन अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 6 माह के भीतर ही स्टेट के टोल नाकों पर टोल वसूलने का काम वापस शुरू कर दिया गया था। जो अभी भी जारी है। इस बार केंद्र में मंत्री नितिन गडकरी के राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल टैक्स में रियायत के लिए स्मार्ट कार्ड योजना लागू की गई है। इसे राजस्थान ने भी नेशनल हाईवे के टोल पर पालना के लिए स्वीकार किया है। इसके तहत एक साल में तीन हजार के रिचार्ज पर 200 बार टोल नाकों से ट्रिप की जा सकेंगी।

इससे हिंदुस्तान के कितने ही लोगों को फायदा होगा। इससे उन लोगों को अधिक फायदा होगा जो ज्यादा ट्रेवल करते हैं। ये आमजन के हित के लिए हैं।रोज रोज का झंझट भी टोल पर खत्म हो गया। इसको लेकर हम भी प्रयास करेंगे कि इसकी सख्ती से पालना ही। हालांकि प्रदेश में स्टेट के टोल नाकों में इसको लेकर मंथन किया जा रहा है।

प्रदेश में मानसून के चलते हुए फसलों के नुकसान पर कहा कि इस बार गिरिराज भगवान की कृपा से एवरेज से भी अधिक बारिश हुई है।बूंदी, कोटा क्षेत्र में अतिवृष्टि हुई है।जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आपदा मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री जवाहर सिंह बेडम को भेजा। सीएम ने इस मामले में स्पेशल गिरदावारी करवाने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिए हैं। जिससे यदि किसी को नुकसान हुआ है तो उसकी भरपाई की जा सकें। हालांकि अभी तक हमारे पास ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं आई है जिसमें अतिवृष्टि से किसी का नुकसान हुआ हो।

उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री की ईश्वर में आस्था है।यही वजह है कि प्रदेश में दूसरे वर्ष में बारिश में हम अव्वल है। पूर्व की सरकार के कार्यकाल के मुकाबले देखे तो हमारा कार्यकाल बेहतर है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्होंने कहा कि ये मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि वो किस साथी से क्या काम लेते हैं। हमें जो भी निर्देश मिलेंगे हम उसकी पालना करेंगे।

प्रदेश में निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि हमने कोई निश्चित समय नहीं बताया है। हमारी सरकार की ओर से और आदरणीय UDH मंत्री की ओर से कहा गया है कि हमारा डीलीमिटेशन का काम चाहे वह पंचायत राज, या नगर निकाय दोनों का ही अंतिम चरण में है। दोनों ही मंत्रियों ने अपनी सब कमेटी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी हैं। जहां से दोनों ही रिपोर्ट अप्रूव्ड भी हो चुकी है।

पंचायती राज और नगर निकाय में

ओबीसी आयोग और चुनाव आयोग दोनों ही एक स्वतंत्र निकाय है। ओबीसी आयोग भी ओबीसी का आंकलन कर रहा है। उसके पश्चात ही चुनाव हो सकते हैं। अभी कानूनी स्थितियों के हिसाब से ये संभव नहीं है। इसलिए दोनों ही आयोग आपस में विचार विमर्श कर लें कि जब भी अपना कार्य पूर्ण हो जायेगा सरकार को चुनाव कराने के लिए कहेंगे। सरकार को जब भी वो कहेंगे चुनाव कराने को लेकर तैयार हैं।

हाईकोर्ट के आदेश को लेकर कहा कि हम आदेश की पालन करेंगे, लेकिन चुनाव की जो प्रक्रिया है उसे पूरा होने के बाद ही चुनाव करवा पाएंगे। एक साथ चुनाव को लेकर कहा कि दिसंबर में भी हो सकते हैं। ओबीसी वर्ग कह देगा कि उनके OBC वर्ग का डिटरमिनेशन हो जाएगा हम तुरंत चुनाव करवा देंगे।

बता दें कि मंत्री जाबर सिंह खर्रा ने जयपुर में कहा कि दिसंबर में हम चुनाव करवाएंगे, हालांकि हाईकोर्ट ने उन्हें जल्द चुनाव करवाने को लेकर कहा है, लेकिन मंत्री पटेल के बयान से अब चुनाव दिसंबर तक होने की तरफ इशारा कर रहे हैं



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