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सेवर सेंट्रल जेल में कैदी भाई को राखी बांधने के बाद एक बहन अपनी मां से लिपटकर खूब रोई।

भरतपुर में रक्षाबंधन पर्व के कई रंग दिखे। यहां सेवर इलाके में सेन्ट्रल में बंदी भाइयों को राखी बांधने बहनें पहुंच रही हैं। इस दौरान एक बहन ने अपने भाई को राखी बांधी और फिर मां से लिपटकर रोने लगी। यह देख वहां मौजूद कई बहनें भावुक हो गईं। जेल सुपरिटेडे

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आज जेल का सभी स्टाफ ड्यूटी पर हैं सभी स्टाफ की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है। जेल के मुख्य गेट से नाम दर्ज कर महिलाओं को अंदर भेजा जा रहा है। महिलाओं को गेट से लाकर राखी बंधवाने की कार्रवाई की जा रही है। महिलाओं को पानी पीने की व्यवस्था की गई है। महिलाओं को बैठने के लिए मुलाकात कक्ष की व्यवस्था की गई है। ताकि किसी को असुविधा नहीं हो। हमारा प्रयास है कि पूरे दिन यह कार्यक्रम चले। सुबह 9 बजे से राखी बंधवाने का कार्यक्रम चल रहा है।

बंधन में भाई, राखी बांध फूटी रुलाई…

सेवर जेल में कैदी भाई को राखी बांधकर बहन मां से लिपट कर रोने लगी।

सेवर जेल में कैदी भाई को राखी बांधकर बहन मां से लिपट कर रोने लगी।

यात्रा फ्री लेकिन बसें कम

राखी के त्योहार पर रोडवेज बसों में यात्रा फ्री है लेकिन बसों की कमी है। ऐसे में यात्रीभार ज्यादा है। बस स्टैंड पर महिलाओं की काफी भीड़ है।

महिलाओं ने बताया कि रोडवेज प्रशासन की तरफ से बसों की व्यवस्था नहीं की गई है। उन्हें बसों का घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। बसें आ रहीं हैं तो, वह यात्रियों से फुल हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। सरकार ने दो दिन के लिए महिलाओं को बस का सफर फ्री किया था लेकिन, बसों की व्यवस्था नहीं है।

देखें ये तस्वीरें…

भरतपुर के अपना घर आश्रम में रहने वाली महिलाएं राखी बांधते हुए।

भरतपुर के अपना घर आश्रम में रहने वाली महिलाएं राखी बांधते हुए।

रोडवेज बसों में जगह नहीं मिल रही है। बहनों से मिलने जा रहे भाई प्राइवेट बसों की छत पर यात्रा करने को मजबूर हैं।

रोडवेज बसों में जगह नहीं मिल रही है। बहनों से मिलने जा रहे भाई प्राइवेट बसों की छत पर यात्रा करने को मजबूर हैं।

भरतपुर के हीरादास स्थित केंद्रीय बस स्टैंड की छत जर्जर है। यात्रियों के लिए टैंट लगाया है हुआ है।

भरतपुर के हीरादास स्थित केंद्रीय बस स्टैंड की छत जर्जर है। यात्रियों के लिए टैंट लगाया है हुआ है।

सेवर जेल में भाइयों को राखी बांधने के लिए कतार में खड़ी बहनें। जेल सुपरिटेडेंट जेल के गेट पर खड़े होकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए।

सेवर जेल में भाइयों को राखी बांधने के लिए कतार में खड़ी बहनें। जेल सुपरिटेडेंट जेल के गेट पर खड़े होकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए।

सेवर जेल में कैदी भाइयों के राखी बांधने के लिए महिलाएं इंतजार करती हुई।

सेवर जेल में कैदी भाइयों के राखी बांधने के लिए महिलाएं इंतजार करती हुई।

सेवर जेल में बहन से राखी बंधवाने के बाद एक भाई की आंखें भर आई।

सेवर जेल में बहन से राखी बंधवाने के बाद एक भाई की आंखें भर आई।

रोडवेज बसों में यात्रा फ्री है लेकिन सीट पाने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

रोडवेज बसों में यात्रा फ्री है लेकिन सीट पाने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।



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