मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में दानपात्र (भंडार) से निकली राशि की काउंटिंग 6 राउंड में पूरी हुई। गुरुवार को हुई गिनती के छठे राउंड में 20 लाख 85 हजार 877 रुपए की राशि प्राप्त हुई। इसके साथ ही अब तक दानपात्र से कुल 22 करोड़ 22 लाख 76 हज
इसके अलावा भक्तों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से और मंदिर के भेंट कक्ष में दिए गए दान की भी गणना की गई है। इन दोनों स्रोतों से 6 करोड़ 9 लाख 69 हजार 478 रुपए प्राप्त हुए हैं। इस तरह अब तक मंदिर को नकदी के रूप में कुल 28 करोड़ 32 लाख 45 हजार 555 रुपए मिल चुके हैं। यह राशि भक्तों की गहरी श्रद्धा और मंदिर के प्रति उनकी आस्था का प्रतीक है।
नकदी के साथ-साथ मंदिर को सोना और चांदी के रूप में भी बड़ी मात्रा में भेंट प्राप्त हुई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार दानपात्र (भंडार) से 410 ग्राम सोना और 80 किलो 500 ग्राम चांदी निकली है। वहीं, भेंट कक्ष से 1 किलो 33 ग्राम सोना और 124 किलो चांदी प्राप्त हुई है। इस तरह कुल मिलाकर 1 किलो 74 ग्राम सोना और 204 किलो 500 ग्राम चांदी मंदिर को भेंट स्वरूप मिली है।
बता दे कि यह गिनती प्रक्रिया 23 जुलाई को चतुर्दशी के दिन शुरू हुई थी, जब मंदिर का भंडार खोला गया। उसी दिन गिनती के पहले राउंड में 7 करोड़ 15 लाख रुपए की नकदी गिनी गई थी। इसके बाद 25 जुलाई को दूसरे राउंड में 3 करोड़ 35 लाख रुपए, 28 जुलाई को तीसरे राउंड में 7 करोड़ 63 लाख 25 हजार रुपए, 29 जुलाई को चौथे राउंड में 3 करोड़ रुपए और 30 जुलाई को पांचवें राउंड में 88 लाख 65 हजार 200 रुपए गिने गए। अंत में 1 अगस्त गुरुवार को छठे राउंड में 20 लाख 85 हजार 877 रुपए की गिनती हुई।

श्री सांवलिया जी मंदिर में दूर दूर से भक्त दर्शन के लिए आते है।
कुछ दिन ऐसे भी रहे जब गिनती का काम नहीं हो सका। 24 जुलाई को हरियाली अमावस्या का पर्व होने की वजह से मंदिर में भारी भीड़ रही, इसलिए उस दिन गिनती बंद रही। इसी तरह 26 और 27 जुलाई को शनिवार और रविवार होने के कारण भी गिनती का कार्य स्थगित रखा गया।
दानपात्र से निकली राशि की गिनती बैंक स्टाफ, मंदिर मंडल और सुरक्षा अधिकारियों की देखरेख में पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है। गिनती के लिए काउंटिंग मशीनों का उपयोग किया जाता है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाती है ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
श्री सांवलिया सेठ मंदिर में हर माह दानपात्र खोला जाता है और नियमित रूप से गिनती की जाती है। भक्त यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और पूर्ण होने पर बड़े स्तर पर दान करते हैं। नकदी के साथ-साथ लोग सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी मंदिर को समर्पित करते हैं। भक्तों की यह आस्था और दान का सिलसिला दिखाता है कि श्री सांवलिया सेठ जी न सिर्फ मेवाड़, बल्कि पूरे देश में आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
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