अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में हुई घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने डीन स्टूडेंट वेल्विंग कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी डिप्रेशन में रहने वाले स्टूडेंट, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की काउंसलिंग करेगी। जिससे कि उनका तनाव दूर हो सके। करीब
प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल समरिया ने बताया कि मानसिक स्थिति और दबाव को लेकर सभी चिंतित रहते हैं। आजकल के वातावरण में बच्चों सहनशक्ति कम रखते हैं। डिप्रेशन में रहते हैं। बच्चे जल्द मुकाम पाना चाहते हैं जो कि इस स्टेप वाइज होते हैं। अन्य परिस्थितियों के कारण भी मानसिक दबाव बना रहता है। जेएलएन मेडिकल कॉलेज ने एक डिसीजन लिया है।
प्रिंसिपल ने कहा कि जो भी मेडिकल स्टूडेंट, रेजिडेंट, नर्सिंग स्टूडेंट, कर्मचारी या अन्य डॉक्टर की मानसिकता और दबाव को दूर करने के लिए दिन स्टूडेंट डीन स्टूडेंट वेलविंग कमेटी बनाई है। इसमें वरिष्ठ डॉक्टर महेंद्र जैन को नियुक्त किया है। इनके साथ तीन सदस्यों की टीम रहेगी जो अपनी सलाह भी देगी।
प्रिंसिपल ने कहा कि अस्पताल और कॉलेज के परिसर में किसी भी व्यक्ति को डिप्रेशन का इलाज लेने या सलाह लेने के आवश्यकता लगती है, तो वह कमेटी से संपर्क कर सकता है। यह कमेटी उनकी प्रॉब्लम को दूर करने का काम करेगी। परिवार से भी संपर्क किया जाएगा। जिससे कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में स्वस्थ और सुरक्षित माहौल रहे।

बच्चों की आइडेंटिटी को गोपनीय रखा जाएगा
अधीक्षक डॉ अरविंद खरे ने बताया कि आजकल स्टूडेंट मानसिक अवसाद में चले जाते हैं। उसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल की ओर से सराहनीय कदम उठाया गया है। कमेटी में वरिष्ठ डॉक्टर महेंद्र जैन कमेटी को संचालित करेंगे। उनके साथ डॉ चरण सिंह और डॉ प्रेम प्रकाश शामिल है। यह कमेटी स्टूडेंट के ईशु को समझ कर सॉल्व करने का काम करेगी। बच्चे खुद भी अपने स्तर पर संपर्क कर सकते हैं और सभी के आइडेंटिटी गोपनीय रखी जाएगी।
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