सीकर जिले के संतोषपुरा गांव में 30 साल से रह रहे 80 साल के बुजुर्ग कानाराम की शनिवार सुबह मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए दर-दर भटकना पड़ा। संतोषपुरा और भानीपुरा के ग्रामीणों के विरोध के बीच पुलिस और पंचायत प्रशासन ने संतोषपुरा क

बुजुर्ग के शव को जमीन पर रखकर खड़े परिजन।
सुबह 9 बजे परिजन कानाराम के शव को लेकर संतोषपुरा की श्मशान भूमि पहुंचे। लेकिन वहां ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार का विरोध करते हुए श्मशान का गेट बंद दिया और ताला लगाकर चाबी अपने साथ ले गए। ग्रामीणों ने परिजनों को भानीपुरा की गोचर भूमि पर अंतिम संस्कार करने को कहा। जिसके परिजन शव लेकर भानीपुरा पहुंचे, लेकिन वहां भी ग्रामीणों ने विरोध किया।

मौके पर पहुंची पुलिस समझाइश करती हुई।
जिसके बाद भानीपुरा के ग्रामीणों ने चोमू पुरोहितान पंचायत के प्रशासक प्रतिनिधि सीताराम ऐचरा को सूचना दी। ऐचरा ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया कि कानाराम संतोषपुरा के निवासी थे। इसलिए अंतिम संस्कार वहीं होना चाहिए। इसके बाद ऐचरा ने रींगस थाना पुलिस को सूचना दी। रींगस थानाधिकारी सुरेश कुमार ने संतोषपुरा के पटवारी को बुलाकर गोचर भूमि पर जगह चिन्हित करवाई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शनिवार शाम को संतोषपुरा की गोचर भूमि पर कानाराम का अंतिम संस्कार किया गया।
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