बीकानेर में पुलिस और कांग्रेसियों के बीच जमकर लाठी और पत्थर चले। कलेक्टर को ज्ञापन देकर लौट रहे कांग्रेसियों दोबारा अंदर जाने की जिद करने लगे।
इस पर पुलिस ने समझाया तो उग्र हो गए। बैरिकेड गिरा दिए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज करके कांग्रेसियों को खदेड़ा।
घटना कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर मंगलवार शाम करीब 5 बजे की है, सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है।
4 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम

कलेक्टर को ज्ञापन देकर लौटे कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प हो गई।

उग्र कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग गिरा दिए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथरवा कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज करके कांग्रेसियों को खदेड़ा।

घटना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए।
दरअसल, हनुमानगढ़ निवासी रामेश्वर लाल पुत्र मुखराम को पेसमेकर में दिक्कत होने पर बीकानेर के निजी हॉस्पिटल आयुष्मान हार्ट केयर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 12 सितम्बर को रामेश्वर की मौत हो गई।
परिजन का आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते रामेश्वर की मौत हुई है। रामेश्वर के परिवार के समर्थन में कांग्रेस नेता हॉस्पिटल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया था।
हॉस्पिटल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। वहीं सोमवार को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में डॉक्टरों को क्लीनचिट दे दी गई। इसका कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया था।
कांग्रेसी कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे थे
कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा और उनके समर्थक अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दे रहे थे। कूकणा की मांग पर जिला कलेक्टर से वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वार्ता में पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल और केश कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र गहलोत भी शामिल थे।
वार्ता विफल होने के बाद आंदोलनकारी निकल गए। कुछ लोगों में बेरिकेड्स फेंकने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस ने हल्का बाल प्रयोग किया। तभी कुछ युवक पुलिस पर पथराव कर दिया। एडिशनल एसपी तक ने हेलमेट मंगवाकर पहने। इसके बाद पुलिस ने पत्थर फेंकने वालों को खदेड़ा।
पुलिस से झड़प में कांग्रेस नेता कूकणा सहित उनके कई समर्थक घायल हो गए। मामले में पुलिस ने कूकणा के साथ ही महेंद्र गहलोत, श्रीकृष्ण गोदारा, हरिराम गोदारा समेत 12 से अधिक को हिरासत में लिया है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री के जाते ही उग्र हुए पुलिस के अनुसार- घटना से कुछ देर पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला भी धरना स्थल पर पहुंचे थे। उनके जाते ही भीड़ उग्र हो गई। एएसपी सौरभ तिवारी ने बताया- कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में कलेक्टर नम्रता वृष्णि को निजी हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने का ज्ञापन देकर बाहर आए थे।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने फिर से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश की मांग की। इसी बात पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद हो गया। गुस्साई भीड़ ने नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग गिरा दी। जवाब में पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया।
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बीकानेर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजन और कांग्रेस नेताओं ने मामले में अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने प्रदर्शन किया। पूरी खबर पढ़िए
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