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राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव को लेकर आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है। कोर्ट में यूनिवर्सिटी प्रशासन के जवाब के बाद अब छात्र नेताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने कहा- यूनिवर्सिटी प्रशासन द्व

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सवाल राजस्थान में इस साल छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे। आगे क्या रणनीति रहेगी?

जवाब – राजस्थान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोर्ट में यह कहा है कि छात्रसंघ चुनाव हमारा मौलिक अधिकार नहीं है। मैं प्रशासन से यह कहना चाहता हूं कि हमने राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की फीस जमा करवाई है। इसलिए छात्रसंघ चुनाव का हमें पूरा अधिकार है। जिस तरह राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए फैकल्टी तक नहीं है। इन मुद्दों पर राजस्थान विश्वविद्यालय ने चुप्पी क्यों साध रखी है। शिक्षा भी तो हमारा मौलिक अधिकार है।

सवाल कोर्ट में यूनिवर्सिटीज ने कहा है कि छात्रसंघ चुनाव जरूरी नहीं है। इस पर आप क्या सोचते है?

जवाब – राजस्थान यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा हमें जो अधिकार मिलने चाहिए वह हमें नहीं दिए जा रहे हैं। इसलिए यूनिवर्सिटी प्रशासन कोर्ट में बोल रहा है कि छात्रसंघ चुनाव हमारा अधिकार नहीं है। जबकि हमने चुनाव के लिए यूनिवर्सिटी में फीस जमा करवाई है। अगर यूनिवर्सिटी को ऐसा लगता है तो फिर उन्हें हमारी छात्रसंघ चुनाव की एवज में वसूली गई फीस लौटानी चाहिए।

छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर शुभम रेवाड़ ने भूख हड़ताल की थी। जिसे पुलिस ने जबरन खत्म करवाया था।

छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर शुभम रेवाड़ ने भूख हड़ताल की थी। जिसे पुलिस ने जबरन खत्म करवाया था।

सवाल छात्र संघ चुनाव नहीं होने से छात्रों को किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आखिर चुनाव इतना जरूरी क्यों है?

जवाब – चुनाव नहीं होने से सबसे ज्यादा समस्या आम छात्रों को उठानी पड़ रही है। राजस्थान में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। कॉलेज और कैंपस में आम छात्रों को हर दिन दर्जनों समस्याओं से परेशान होना पड़ रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर टीचर्स की कमी एक बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है। इन सभी समस्याओं के समाधान की आवाज को छात्र प्रतिनिधि ही पुरजोर ढंग से उठा सकता है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा चुनाव पर रोक लगाकर छात्रों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। क्योंकि सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन को यह डर है, कहीं हम उनके द्वारा किए गए घोटालों को उजागर न कर दें।

शुभम बीते दो साल से चुनाव की मांग को लेकर आंदोलनरत है।

शुभम बीते दो साल से चुनाव की मांग को लेकर आंदोलनरत है।

सवालछात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर अब आगे छात्रों की क्या रणनीति रहेगी?

जवाब – हम हमारे अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। क्योंकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोर्ट में हमारे मौलिक अधिकारों का हवाला दिया है। ऐसे में अब जो जो आम छात्रों के अधिकार हैं। उसको लेकर हम पुरजोर ढंग से आंदोलन करेंगे। राजस्थान यूनिवर्सिटी की कुलगुरु से भी इस मुद्दे को लेकर जवाब मांगा जाएगा।



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