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जैसलमेर। स्नेक कैचर साहिल ने किया सांप को रेस्क्यू।

जैसलमेर शहर में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब न्यायधीश सौभाग्य सिंह चारण के घर के बाहर जहरीला कोबरा सांप निकल आया। घटना रात करीब 9 बजे की है। न्यायधीश जैसे ही घर के बाहर निकले, उनकी नजर दरवाजे के पास फन फैलाए खड़े कोबरा पर पड़ी। उन्होंने तुरंत आ

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साहिल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक सांप पास ही बने बिल में घुस चुका था। इसके बाद करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। मोहल्ले के लोग दूर खड़े होकर रेस्क्यू ऑपरेशन देखते रहे और सांप के निकलने से भय का माहौल बना रहा।

40 मिनट मशक्कत के बाद सांप को काबू में किया।

40 मिनट मशक्कत के बाद सांप को काबू में किया।

सुरक्षित जंगल में छोड़ा

रेस्क्यू के बाद साहिल ने कोबरा को बड़ी बोतल में सुरक्षित रखा और शहर से दूर जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि बरसात के बाद सांप अक्सर बस्तियों की ओर निकल आते हैं, ऐसे में घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ या वन विभाग को सूचना देना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने राहत की सांस लेते हुए साहिल की तत्परता और साहस की सराहना की और कहा कि समय रहते की गई कार्रवाई से किसी अनहोनी को टाला जा सका।

सांप से बचाव के उपाय

  • घर के आसपास झाड़-झंखाड़ व कबाड़ जमा न होने दें।
  • चूहों की मौजूदगी कम करें, क्योंकि यह सांपों का शिकार होते हैं।
  • रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें।
  • सांप दिखे तो तुरंत सुरक्षित दूरी बनाकर विशेषज्ञ या वन विभाग को सूचना दें।
  • खुद से पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
सांप को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा।

सांप को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा।

यहां जानिए, सांप क्यों पर्यावरण प्रेमी कहलाते हैं –

  • फसल और अनाज की रक्षा
  • सांप चूहों और अन्य छोटे जीवों का शिकार करते हैं।
  • एक अकेला सांप सालभर में सैकड़ों चूहों को खा जाता है।
  • चूहों की वजह से खेतों और अनाज को होने वाला नुकसान बहुत कम हो जाता है।
  • प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हैं
  • सांप फूड चेन (खाद्य श्रृंखला) का अहम हिस्सा हैं।
  • वे चूहों, छिपकलियों, मेढ़कों आदि को खाते हैं और खुद शिकारी पक्षियों (बाज़, गरुड़, उल्लू) और जानवरों (नेवला, सियार) का भोजन बनते हैं।
  • इससे प्रकृति का संतुलन कायम रहता है।
  • कीटनाशकों की ज़रूरत कम करते हैं
  • चूहों पर नियंत्रण होने से किसान को महंगे और हानिकारक रासायनिक जहर (Rodenticides) कम डालने पड़ते हैं।
  • इससे मिट्टी और पानी प्रदूषित नहीं होते।
  • जैव विविधता के रक्षक
  • हर प्रजाति का सांप अपने पर्यावरण में खास भूमिका निभाता है।
  • अगर सांप न हों, तो चूहे और दूसरे छोटे जीव बेकाबू होकर खेती, अनाज और घरों को भारी नुकसान पहुँचाएँगे।

इसलिए कहा जाता है –”सांप डराते हैं, मगर वास्तव में वे इंसान और पर्यावरण के मित्र हैं।”



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