एस-400 मिसाइल प्रणाली के लॉन्चर इंचार्ज भले सिंह को राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए चूरू के लाल को राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। चूरू के हासियावास निवासी भले सिंह (38) ने एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 के लॉन्चर इंचार्ज रहते हुए पाकिस्तान के एफ-1

एस-400 मिसाइल प्रणाली के साथ लॉन्चर इंचार्ज भले सिंह।
राष्ट्रपति भवन से 14 अगस्त को जारी वीरता पदक सूची में उनको सम्मानित करने की घोषणा की गई है। गांव के लाडले को वीरता पदक पुरस्का”र मिलने की सूचना के बाद गांव हासियावास के ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
ऑपरेशन सिंदूर में चूरू जिले की सिद्धमुख तहसील के गांव हासियावास के रहने वाले भले सिंह (38) एस-400 मिसाइल प्रणाली के लॉन्चर इंचार्ज थे। बुधवार को चूरू आए भले सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में एस 400 यूनिट ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। इससे उन्होंने पाकिस्तान के एफ-16 सहित 5 फाइटर जेट मार गिराए। उनकी टीम ने पाकिस्तान एयरफोर्स का अवाक्स फायटर जेट भी मार गिराया था, जिसमें काफी लोग अंदर बैठकर काम करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में उन्होंने एस-400 मिसाइल से पाकिस्तान एयरफोर्स की कमर तोड़ते हुए पाकिस्तान को सीज फायर करने पर मजबूर कर दिया।
पेशावर के पास अवाक्स फाइटर जेट को बनाया निशाना भले सिंह ने बताया कि टीम ने पाकिस्तान में 314 किलोमीटर अंदर पेशावर के पास रनवे से उड़ान भर रहे अवाक्स जेट को मार गिराया था। जिसकी पुष्टि भारतीय वायुसेना के उच्च अधिकारियों ने भी की थी। सात मई से 10 मई तक चले ऑपरेशन सिंदूर में लॉन्चर टीम के साथ मिलकर अच्छा काम किया।

राष्ट्रपति भवन से जारी सूची में सार्जेंट भले सिंह का नाम 117वें नंबर है।
नींद नहीं आए इसके लिए लेते थे टेबलेट भले सिंह ने बताया कि चार दिनों तक चले ऑपरेशन सिंदूर में अपनी टीम के साथ मिलकर 24 घंटे तक काम किया है। जवानों को नींद नहीं आए इसके लिए एक विशेष टेबलेट दी जाती थी। जो कम से कम करीब आठ से दस घंटे तक काम करती थी। इस दौरान खाना भी बहुत कम समय में खाते थे। सीज फायर होने के बाद 13 मई को पीएम नरेन्द्र मोदी खुद आदमपुर एयरबेस पर जवानों को हौसला बढ़ाने आए थे।
30 जून को हुए रिटायर भलेसिंह ने बताया कि 12वीं पास करने के बाद 2005 में एयरफोर्स ज्वाइन किया था। 30 जून 2025 को पंजाब आदमपुर एयरबेस से रिटायर होकर आए हैं। इस दौरान उन्होंने डीआरडीओ सीक्रेट मिसाइल मिशन में भी काम किया है। वहीं, रसियन पिचोरा मिसाइल में भी किया है। भलेसिंह ने सेवाकाल में जामनगर, श्रीनगर, दिल्ली व आदमपुर में ड्यूटी की हैं।
आठ अक्टूबर को मिल सकता है पुरस्कार राष्ट्रपति भवन द्वारा सूची में सार्जेंट भले सिंह का नाम 117वें नंबर है। उनको संभवताया 8 अक्टूबर भारतीय वायुसेना सेवा दिवस पर ‘वीरता पदक पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा सकता है।
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