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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके आवास पर शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़ ने मुलाकात कर जताया आभार।
राजस्थान सरकार के खनन पट्टा अवधि वृद्धि संबंधी ऐतिहासिक निर्णय के बाद शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़ ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके जयपुर स्थित आवास पर मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। इस मुलाकात में विधायक ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शर्मा ने राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली-2017 के नियम 9(3ए) और 10(3ए) में संशोधन करवाकर खनन पट्टों की अवधि वृद्धि के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। यह निर्णय विशेष रूप से उन खनन धारकों के लिए राहत की सांस साबित हुआ है, जो मार्च 2025 की मूल समयसीमा के कारण अपने आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
बालेसर के 576 खान धारकों को प्रत्यक्ष लाभ
शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बालेसर में 576 खान धारकों को इस निर्णय से प्रत्यक्ष राहत मिली है। स्थानीय खनन धारकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और उन्होंने शेरगढ़ विधायक राठौड़ के निरंतर प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया है। बालेसर क्षेत्र में मुख्यतः सैंडस्टोन और मार्बल का खनन होता है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
जुलाई में भी उठाई गई थी आवाज
5 जुलाई को शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सोइन्तरा में आयोजित पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाड़ा समारोह में विधायक राठौड़ ने हजारों लोगों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री के समक्ष खनन पट्टों की अवधि वृद्धि की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया था। मुख्यमंत्री ने तत्काल इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत चर्चा के लिए जयपुर आने का निमंत्रण दिया था।
संकट की गंभीरता और व्यापक प्रभाव
राज्य भर में लगभग 5,000 खनन पट्टाधारक 31 मार्च की समयसीमा के कारण अपने पट्टों का नवीनीकरण नहीं कर पा रहे थे। इस स्थिति से न केवल प्रत्यक्ष रूप से 30 लाख लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा था, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से 1 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका पर संकट के बादल मंडरा रहे थे।
आर्थिक और सामाजिक महत्व
राजस्थान में खनन क्षेत्र का राज्य की जीडीपी में 20% योगदान है। वर्ष 2024-25 में रॉयल्टी राजस्व 9,228 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले वर्ष से 24% अधिक है। करीब 2,500 क्वारी लाइसेंस धारकों को इस निर्णय से प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
खनन क्षेत्र केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हजारों परिवारों की आजीविका का साधन है और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। परिवहन, मशीनरी और संबद्ध उद्योगों में काम करने वाले लाखों लोगों को भी इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
नई व्यवस्था की विशेषताएं
संशोधित नियमों के अनुसार अब 15 गुणा डेडरेंट प्रीमियम पर 31 मार्च 2025 को समाप्त हो रही माइनर मिनरल के खनन पट्टों और क्वारी लाइसेंस की अवधि 31 मार्च 2040 तक बढ़ा दी गई है। प्रीमियम राशि अधिकतम पांच किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है। हस्तांतरण प्रीमियम को 10 गुणा से घटाकर 5 गुणा कर दिया गया है और मासिक के स्थान पर त्रैमासिक रिटर्न की सुविधा भी प्रदान की गई है।
वैध खनन को मिलेगा बढ़ावा, अवैध पर भी लगेगा अंकुश
राजस्थान सरकार का यह निर्णय वैध खनन को बढ़ावा देने और अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राइजिंग राजस्थान समिट में खनन क्षेत्र में 1 लाख 38 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है।
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