जिला विधिक चेतना समिति सवाई माधोपुर के सदस्यों ने विधि से संघर्षरत बंदियों एवं बालकों के कल्याण के लिए रालसा द्वारा संचालित योजना रालसा (विधि से संघर्षरत बंदियों एवं बालकों को विधिक सेवाएं एवं सहायता) योजना 2015 की अनुपालना में त्रिनेत्र बालगृह, यश द
सदस्यों ने संस्थान में आवासित बालकों व वृद्वजनों की संख्या, संस्थान के परिसर, रसोईघर एवं भण्डारगृह की साफ-सफाई, आवासित बालकों एवं वृद्वजनों को प्रदान की जाने वाली भोजन, पेयजल एवं चिकित्सकीय सुविधाओं, प्राथमिक उपचार किट की उपलब्धता, नए बच्चों एवं वृद्वजनों के प्रवेश एवं संस्था के मुख्यद्वार पर आने-जाने वालों के नाम, पता आदि दर्ज करने के लिए रजिस्टर के संधारण, बारिश के मौसम में मौसमानुकूल इंतजामों आदि की जानकारी ली।
साथ ही बच्चों को प्राप्त शिक्षा, उनके कौशल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों, विधि का उल् लंघन करने वाले बालकों के अपराध सुधार एवं उनको शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों आदि के संबंध में पूछताछ की गई।
निरीक्षण के दौरान रुक्मणी वृद्धाश्रम में आटे के कट्टों पर एक्सपायरी डेट संबंधी जानकारी अंकित नहीं होना पाया गया। इस दौरान जिला विधिक चेतना समिति सदस्यों द्वारा बालकों एवं संस्था स्टाफ को बालकों को प्राप्त कानूनी अधिकारों, बालकों को अनिवार्य एवं निशुल्क शिक्षा का अधिकार, बालकों के कल्याण के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, बालकों को प्राप्त निशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता आदि के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया।
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