सीकर के एसके हॉस्पिटल में मजदूर इरफान अली की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर परिजनों, ग्रामीणों और एसएफआई कार्यकर्ताओं का तीन दिन से जारी धरना शुक्रवार को खत्म हो गया। प्रशासन के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की सहमति बनने के बाद प्रदर्

एसके अस्पताल की मोर्चरी के बाहर मौजूद लोग।
उपजिला प्रमुख ताराचंद धायल ने बताया- तीन दिनों तक परिजन, ग्रामीण और एसएफआई कार्यकर्ता इरफान को न्याय दिलाने के लिए डटे रहे। गुरुवार को पुलिस ने मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया था। लेकिन मकान मालिक का नाम जानबूझकर हटा दिया गया। शुक्रवार को धरने के दबाव में पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की। साथ ही, नगर परिषद ने बिल्डिंग को सीज करने का नोटिस जारी किया।

मृतक मजदूर इरफान अली।
एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढ़ाका ने कहा- इरफान के शव का पोस्टमार्टम कर सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी मुआवजे की कोई मांग नहीं थी। लेकिन अगर परिजनों को सरकारी सहायता मिलती है तो परिजनों को राहत मिलेगी। प्रशासन ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
दरसअल, मंगलवार को फतेहपुर रोड पर निर्माणाधीन बिल्डिंग में शटरिंग का काम कर रहे 32 साल के मजदूर इरफान अली (लक्ष्मणगढ़) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार शव को हॉस्पिटल छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण जांच की मांग को लेकर एसके हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। गुरुवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने सीकर एसपी ऑफिस का घेराव किया।
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