झुंझुनूं में अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति दिख जाए और अगले ही दिन पुलिस उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दे, तो लोग अक्सर पूछ बैठते हैं- “ये कैसे संभव है?” इस सवाल का जवाब है- कोतवाली थाने का कॉन्स्टेबल प्रवीण जाखड़। उन्हें लोग प्यार से “सीसीटीवी सिपाही” कहने लगे
कॉन्स्टेबल प्रवीण ने अब तक 400 से ज्यादा चोरी-डकैती के राज खोले है। चाय बेचकर बदमाश पकड़े है। उनके पास न तो कोई खास लैब है, न ही हाई-टेक संसाधन, लेकिन धैर्य और लगन के दम पर वे हजारों कैमरों की फुटेज देखते-देखते अपराधियों तक पहुंच जाते हैं।

झुंझुनूं की गलियों में आम नागरिक बनकर आरोपियों की टोह लेते कॉन्स्टेबल प्रवीण।
10 साल पहले पुलिस विभाग में हुए थे भर्ती कॉन्स्टेबल प्रवीण ने जिले में 400 से ज्यादा चोरी, लूट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने 20 जून 2015 को उदयपुर में पुलिस विभाग में जॉइन किया था। इसके बाद 2018 में सितंबर में झुंझुनूं जिले में ट्रांसफर हुआ। इसके बाद उन्होंने नवलगढ़, खेतड़ी स्पेशल, जिला स्पेशल टीम और कोतवाली थाने में अपनी सेवाएं दीं।
कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार ने कई बार आरोपियों को पकड़ने के लिए उन्होंने छद्म रूप में खुद को आम नागरिक बना कर इलाके में रहना, रेहड़ी पर चाय बेचना और लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालना जैसी सूझ-बूझ भरी तकनीक अपनाई। उनकी यह मेहनत कई हाईप्रोफाइल अपराधों के खुलासे में दिखती है।

तत्कालीन एसपी शरद चौधरी व एसपी राजश्री राज ने कॉन्स्टेबल प्रवीण को उल्लेखनीय काम के लिए सम्मानित भी किया।
अब पढ़िए कुछ चुनिंदा बड़े मामले, जिनके खुलासे में कॉन्स्टेबल प्रवीण का योगदान रहा…
केस नंबर 1 3 नवंबर 2024 का है, जब झुंझुनूं के अंबेडकर नगर वार्ड एक में एक मकान का ताला तोड़ा गया और 80 लाख रुपए की ज्वेलरी, 2.50 लाख रुपए नकद और अन्य सामान चोरी कर लिया गया। आरोपी राजेंद्र प्रसाद, जो खुद को हाईकोर्ट का वकील बता रहा था, को पुलिस ने चिड़ावा से गिरफ्तार किया। इसकी गिरफ्तारी में प्रवीण कुमार ने 400 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर आरोपी के वाहन समेत जब्त किया।
केस नंबर 2 एक और हाईप्रोफाइल मामला था, जब अन्तर्राज्यीय गैंग ने बसों में यात्रियों के बैग से 26 लाख रुपए के आभूषण चुराए। आरोपियों ने चोरी का माल कार के बोनट में छिपा रखा था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने में तक लगातार पीछा किया। गैंग के 6 सदस्यों ने राजस्थान, हरियाणा और यूपी के विभिन्न जिलों में 100 से ज्यादा वारदातें कबूल की।
केस नंबर 3 चेन स्नैचिंग के मामलों में 2 बदमाशों को पकड़ने के लिए शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बदमाशों को पकड़ने के लिए पिकअप का पीछा किया। बदमाश बाइक से वारदात को अंजाम देते और उसे पिकअप में डालकर फरार हो जाते थे। इस मामले में प्रवीण कुमार और उनकी टीम ने 8 दिन की लगातार मेहनत के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया।

कोतवाली थाने के कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार ने अपनी टीम के साथ मिलकर 400 से ज्यादा वारदातों का खुलासा करने में योगदान दिया है।
केस नंबर 4 रिटायर्ड फौजी जयप्रकाश के साथ हुई 5.50 लाख रुपए की लूट के मामले में भी प्रवीण कुमार की टीम ने आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों ने तंत्र विद्या का झांसा देकर लूट की थी। प्रवीण कुमार ने जांच के दौरान इलाके में लगे सीसीटीवी और मुखबिरों की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
केस नंबर 5 करमाड़ी हत्याकांड और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश झाझड़िया हत्याकांड में भी प्रवीण कुमार की टीम की मेहनत दिखाई देती है। राकेश की हत्या में शामिल 5 आरोपियों को गुजरात, उदयपुर और सूरत से गिरफ्तार किया गया। प्रवीण कुमार ने पूरे मामले में तकनीकी मदद और संदिग्धों की लोकेशन ट्रैक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार ने CCTV फुटेज को बारीकी से देखकर और अन्य जानकारी जुटाकर कई सनसनीखेज वारदातों का खुलासा है।
एसपी, थानाधिकारी ने भी सराहा एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि कोतवाली थाने के कॉन्स्टेबल प्रवीण जाखड़ के पास एक्सीलेंट स्किल सेट है, जितनी भी ब्लाइंड चोरी, ब्लाइंड नकबजनी होती है उसमें वो सीसीटीवी को परख कर और आसूचना एकत्रित करके ढेर सारे केस खोले है। मैं मानता हूं कि इसमें अच्छा टेलेंट है, उम्मीद करता हूं कि ये बहुत आगे जाएगा।
कोतवाली थानाधिकारी हरजिंद्र सिंह ने बताया कि कॉन्स्टेबल प्रवीण कुमार ने कई वारदाते, जो सनसनीखेज वारदाते है, वो भी खोली है। शहर वासी भी जब कोई घटना होती है तो सबसे पहले यही कहते है हमे प्रवीण कॉन्स्टेबल दे दो हमारी वारदात को खोल देगा।
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