उदयपुर में आज से सरकारी स्कूलों के जर्जर कक्षा-कक्ष को ध्वस्त करने का काम शुरू किया
झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने के बाद अब उदयपुर जिला प्रशासन ने जर्जर कक्षा-कक्षों को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया है। उदयपुर प्रशासन ने शिक्षा विभाग के जरिए सबसे पहले सबसे ज्यादा जर्जर स्कूलों को चिन्हित किया और उनको ध्वस्त करने का काम शुरू किया।
आज उदयपुर जिले के कदमाल स्कूल में जर्जर कमरों को ध्वस्त करने का काम शुरू किया। वहां पर बुलडोजर के जरिए ऐसे गिरने वाले कक्षा-कक्षों को ध्वस्त किया। इसके साथ आगे अलग-अलग ब्लॉक में ऐसे स्कूलों को ध्वस्त किया जाएगा जो जो कभी गिर जाए ऐसी स्थिति में है।

जर्जर कक्षा-कक्ष को ध्वस्त करने के लिए चलाया बुलडोजर
कदमाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो जर्जर कमरों को गिराने का काम आज से शुरू किया गया। इसके साथ ही पास के अन्य स्कूलों के जर्जर कमरों को भी गिराया जाएगा। कदमाल स्कूल में इन दो कमरों को कभी से बंद कर रखा था।
उदयपुर जिले के 100 से ज्यादा स्कूलों को चयनित किया हैं जो पूरे जर्जर हालत में हैं और उनको गिराने का काम किया जाएगा। इन स्कूलों में किसी में 2 तो किसी में दो से ज्यादा जर्जर कमरे है।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले मंगलवार को उदयपुर जिला कलेक्टर नमित मेहता ने जर्जर स्कूलों को लेकर बैठक ली तथा कई अधिकारियों ने फील्ड विजिट किया। उन्होंने जिले भर के राजकीय भवनों, सड़कों, पुलिया-रपट आदि की स्थिति जांचने की मुहिम शुरू करने को कहा जिससे संबंधित विभाग सक्रिय हुए।
उदयपुर में उपखण्ड एवं ग्राम पंचायत वार समितियां गठित की हैं। इन समितियों में तकनीकी कार्मिकों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को भी अपने-अपने अधीन कार्यालय भवनों सहित जिले के सभी राजकीय भवनों, स्कूल, आंगनवाडी, अस्पतालों, सड़कों व पुलिया, बिजली खंबों आदि का निरीक्षण कर 5 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कलक्टर के निर्देशन में मंगलवार से सर्वे कार्य प्रारंभ हुआ। उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित विभागीय अधिकारियोंने दिन भर फील्ड का दौरा करते हुए अपने आवंटित क्षेत्रों में विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, अस्पतालों सहित अन्य सभी राजकीय भवनों, सड़कों, पुलियाओं, विद्युत लाइन व खंबों आदि का निरीक्षण किया।

जिला कलेक्टर के निर्देश पर उदयपुर में एक दिन पहले अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने जर्जर भवनों को जाकर देखा और रिपोर्ट तैयार की।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर गठित कमेटियों ने भी अपने क्षेत्र के सभी भवनों आदि का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान जर्जरहाल और असुरक्षित स्थिति में नजर आए भवनों को सील करते हुए उनका उपयोग नहीं किए जाने के लिए पाबंद किया।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments