त्रिपुरा में बीएसएफ जवान (कांस्टेबल) का ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल सर्विस करने के दौरान हादसे से निधन हो गया। उनके पार्थिव देह को मंगलवार शाम को उनके पैतृक गांव लाया गया। वहां पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या मे
दरअसल, बालोतरा जिले के बायतु चिमनजी गांव निवासी उगराराम पोटलिया 31 अगस्त को ड्यूटी के दौरान राइफल रिसाइकिल करने के दौरान टिगर दबने से अचानक गोली चल गई। इससे गर्दन पर गोली लगने से जवान का निधन हो गया। गंभीर रूप से घायल जवान को डिफेंस हॉस्पिटल ले जाया गया, वहां पर उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह को सोमवार को पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया। मंगलवार को दोपहर 4 बजे उगराराम का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सैन्य वाहन में पार्थिव देह गांव पहुंची, सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने सलामी दी, वही उनके बेटे को तिरंगा सौंपा गया। जवान के बेटे टाईगर चौधरी ने मुखाग्नि दी गई।

जवान का पार्थिव देह गांव पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए उमड़े ग्रामीण व परिजन।
अंतिम यात्रा में शहीद उगराराम अमर रहे, और भारत माता की जय के नारों से गांव गूंज उठा। जवान का पार्थिव शरीर पर लिपटा राष्ट्रीय ध्वज परिजनों को सौंपा गया। इस दौरान एसडीएम भागीरथ चौधरी, डीएसपी शिवनारायण चौधरी, थानाधिकारी भंवरलाल विश्नोई, प्रधान सिमरथाराम, भाजपा नेता बालाराम मूढ समेत जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
121 बटालियन में थे कार्यरत
जवान बीएसएफ उगराराम (43) की 121 बटालियन में कांस्टेबल पद पर कार्यरत थे। सामाजिक प्रोग्राम के लिए दस की छुट्टी पर आए थे। 27 जुलाई को गांव से रवाना होकर त्रिपुरा में ज्वाइन की थी।

पार्थिक देह को पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि।
दो बेटियों और एक बेटा
जवान के दो बेटियों है। सबसे छोटा बेटा है। वहीं दो भाई है। सबसे छोटा भाई एयरफोर्स में है। पिता कुंभाराम व माता वीरों देवी और पत्नि नेनु देवी को रो-रोकर बुरा हाल है। उनके परिवार के साथ गांव में रहते थे।
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