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लेकसिटी में टूरिस्ट सीजन के आगाज़ के साथ ही ट्रैफिक पुलिस की नई व्यवस्था ने पर्यटकों की परेशानी बढ़ा दी है। पर्यटकों को लेकर आने वाली बसों की शहर में एंट्री रोक दी गई है।किसी पर्यटक वाहन को एयरपोर्ट से सुबह 9 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद हरिदासजी

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अब 1-2 घंटे का अतिरिक्त समय भी लग रहा है। जोधपुर रूट से आने वाली बसों को भी आरके सर्किल पर रोका जा रहा है। जबकि, रात 10 बजे से शहर में भारी वाहनों के साथ स्लीपर बसों की एंट्री हो रही है। पुलिस का कहना है कि पर्यटकों को शहर के बाहर बसों से उतारकर छोटे वाहनों से होटल तक लाया जाए।

बता दें कि शहर में हर माह करीब डेढ़ लाख पर्यटक घूमने आते हैं। पर्यटन सीजन में रोजाना 10-15 बसें आती हैं। ये 30-सीटर बसें होती हैं। एयरपोर्ट से जैसे ही बसें प्रतापनगर आती हैं तो उन्हें आरके सर्किल की तरफ भेज दिया जाता है। वहां पहुंचने पर बस को फिर से प्रतापनगर की तरफ मोड़कर अहमदाबाद हाईवे से झाड़ोल बाइपास होते हुए सिटी में जाने के लिए कहा जाता है। कभी-कभी पर्यटकों को ऑटो या छोटे वाहनों से सिटी में ले जाने को कहा जाता है।

सवाल – रोडवेज की रोज 300 बसें आ रहीं, 15 टूरिस्ट बसों से दिक्कत क्यों?

शहर में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही यातायात पुलिस ने स्लीपर बसों की सिटी में एंट्री बंद कर दी है। इसी की आड़ में पर्यटक वाहनों को भी रोका जा रहा है। जबकि, शहर में उदियापोल पर रोडवेज का केंद्रीय बस स्टैंड है। यहां रोज करीब 300 बसों का आवागमन होता है। इसी तरह जिले के विभिन्न ग्रामीण रूटों पर चलने वाली निजी बसों की शहर तक एंट्री है।

गोगुंदा रूट पर चलने वाली बसें चेतक सर्किल पर पहाड़ी बस स्टैंड, झाड़ोल की बसें स्वरूप सागर की पाल तक, वल्लभनगर-कानोड़ रूट की बसें सूरजपोल में फतह स्कूल के बाहर और खेरवाड़ा-जयसमंद रूट की बसें उदियापोल तक आती हैं। इसके अलावा लोक परिवहन की बसों की भी शहर में एंट्री हो रही है। इनके साथ ही निजी बसें भी शहर में दौड़ रही हैं। ऐसे में विदेशी पर्यटकों की गाड़ियों को रोकना समझ से परे है।

ट्रेवल एजेंट बोले – पर्यटकों को होटल पहुंचने में लग रहे 2-3 घंटे, छवि बिगड़ रही

ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ उदयपुर के पूर्व अध्यक्ष मुकेश टिकू का कहना है कि ग्रुप में 30 पर्यटक होते हैं और उन्हें होटल तक पहुंचाने के लिए 10 गाड़ियां लगती हैं। ऐसे में यह निर्णय सुविधा कम, दुविधा ज्यादा दे रहा है। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ उदयपुर के अध्यक्ष नरपत सिंह राठौड़ का कहना है कि बसों का बार-बार रास्ता बदलने से पर्यटकों को होटल तक पहुंचने में 2-3 घंटे लग जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों के सामने शहर की छवि प्रभावित हो रही है।

ट्रैफिक डिप्टी की सफाई… टूरिस्ट वाहनों की एंट्री बंद नहीं, सिर्फ रूट बदला गया

त्योहारों को लेकर रूट में बदलाव किया है। पर्यटक वाहनों की सिटी में एंट्री बंद नहीं की गई है। अब ये रेती स्टैंड और पारस सर्किल होकर आएंगे। एयरपोर्ट से अलसुबह और शाम को पीक समय पर आने वाले वाहनों को बलीचा, अमरगढ़ होटल होते हुए रामपुरा आने का रूट रखा गया है। शहर के सभी एंट्री प्वाइंट पर टूरिस्ट वाहनों को रूट बताकर भेजा जा रहा है। अभी शहर में बसों और भारी वाहनों का एंट्री समय भी बढ़ाकर रात 10 की जगह 11 बजे तक कर दिया है।



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