उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की कुलपति सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को कुशल शासक बताने के बाद से स्टूडेंट्स नाराज हैं। अब कुलपति ने अपना एक वीडियो जारी कर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना सहित सर्वसमाज से माफी मांगी है।
वहीं दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने सेमिनार में दिए बयान के बाद कुलपति को आड़े हाथों लिया है। मंत्री ने कहा कि कुलगुरु के बयान से लगता है कि वे माओवादियों से प्रभावित हैं। इस तरह का आचरण करने वाले कुलगुरु को बर्खास्त कर देना चाहिए। एक वीसी पहले भी यहां आया था जो गुलाबचंद कटारिया को जूते की माला पहनाने की बात कहीं, उनका क्या हाल हुआ सबको पता है।
वहीं श्री राजपूत करणी सेना ने भी बुधवार शाम को प्रेस वार्ता की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही कुलपति को नहीं हटाया गया तो वे उदयपुर बंद कराएंगे।

कुलपति ने वीडियो जारी कर मांगी माफी
कुलपति ने यूनिवर्सिटी में तीन दिन से हो रहे हंगामे के बाद आज दोपहर अपना एक वीडियो जारी किया। कुलपति ने वीडियो में कहा-

12 सितंबर को ‘विकसित भारत का रोडमैप’ विषय पर सेमिनार हुआ था। उसमें मैंने भूलवश कुछ बोल दिया था। उसके लिए मैं समस्त मेवाड़ की जनता और राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना से क्षमा मांगती है। मेरे वक्तव्य से जो सर्वसमाज की भावनाओं को जो आघात पहुंचा है, उसके लिए सर्वसमाज खासकर राजपूत समुदाय से क्षमा मांगती हूं।


जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी उदयपुर के टाउनहॉल में नेशनल ट्राइबल फूड फेस्टिवल में।
खराड़ी ने कहा-
विश्वविद्यालय में हुए हंगामे पर खराड़ी ने कहा- कुलपति खुद को इतिहास की जानकार समझती हैं। उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए। औरंगजेब सबसे अच्छा प्रशासक था, तो क्या उन्हें नहीं पता कि वह क्या कर रहा था?

हमारे देश में एक हाथ में तलवार और दूसरे में कुरान है। या तो कुरान कबूल करो या फिर सिर झुकाओ। तो क्या वह एक अच्छे प्रशासक थे? अगर आपको एक अच्छा प्रशासक देखना है, तो मेवाड़ में राणा सांगा को देखिए। उनके पास केवल ढाई अक्षर हैं, फिर भी उन्होंने मेवाड़ में सबसे अच्छा शासन दिया।

मंत्री ने पूछा, ऐसी टिप्पणी करके वह किससे प्रभावित हैं? मेरा मानना है कि वह कहीं न कहीं माओवादियों से प्रभावित हैं। हमारे पूर्वजों के इतिहास का अध्ययन होना चाहिए, और उदयपुर के निवासी इस मामले से बहुत नाराज़ हैं। मैंने नाराज़ छात्रों को सलाह दी कि वे क़ानून अपने हाथ में न लें।
हम सरकार को बताएंगे कि उनका आचरण अनुचित है। हम इतिहास का भी अध्ययन करते हैं। अगर वे आगे आए, बहस करें और इसे साबित करें, तो हम इसे स्वीकार करेंगे। जनजाति मंत्री खराड़ी आज उदयपुर के टाउनहॉल में नेशनल ट्राइबल फूड फेस्टिवल में पहुंचे थे। मीडिया से यह बात कहीं।
कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहीं ये 3 बड़ी बातें… 1. भगवान राम का इतिहास इनको पता नहीं खराड़ी ने कहा- भगवान राम का इतिहास नहीं पता, क्या शेर और बकरी एक ही घाट पर पानी पीते थे, क्या सभी को हर तरह की आज़ादी थी, क्या उन्हें वो इतिहास नहीं पता। हो सकता है वो ज़्यादा पढ़ी-लिखी हों, हम कम पढ़े-लिखे हों, आगे आने पर पता चल जाएगा। मैंने सरकार को बता दिया है। मैं सीएम से भी बात करूंगा, राज्यपाल को भी बताऊंगा। जब राज्यपाल कोटड़ा आए थे, तब कुछ छात्रों ने उन्हें ज्ञापन देकर कहा था कि उनका आचरण ठीक नहीं है।
2. वीसी ने जो बोला है, वह पढ़े लिखे की भाषा नहीं खराड़ी ने कहा कि एक वीसी पहले थे प्रोफेसर अमेरिका सिंह वे गुलाबचंद कटारिया के लिए कहते थे कि जूते की माला पहनाएंगे। पहना दी क्या, उनके क्या हालात हुए सबके सामने है। लोकतंत्र में लोकतंत्र की तरह की भाषा बोलनी चाहिए। वीसी ने जो बोला है, वह पढ़े लिखे की भाषा नहीं है।

3. कांग्रेस के पास जनता का कोई मुद्दा नहीं है विधानसभा में कैमरे लगने के मामले पर मंत्री बोले कि कैमरे किसी बेडरूम में नहीं लगे, वे सदन के हाल में लगे जहां पर सदन की कार्रवाई चलती है। पहले से कैमरे लगे थे और ये जो लगाए ये हाई क्वालिटी के है। लोकसभा में दर्शक दीर्घा से एक बार एक जना कूद गया ऐसी घटना नहीं हो, निगरानी के लिए लगाए है।
कांग्रेस के पास जनता का कोई मुद्दा नहीं है इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं। जनता का कोई मुद्दा उन्होंने उठाया नहीं। वे कभी टोपी पहन कर आ जाते, कभी जैकेट, उससे जनता का भला नहीं होना है। जनता के लिए मुद्दे उठाने चाहिए। इस प्रकार मात्र नाटक किया है।
कुलगुरु की जांच के लिए राजभवन ने कमेटी बनाई
इधर, राजभवन ने कुलगुरु प्रोफेसर सुनीता मिश्रा के खिलाफ मिली शिकायतों पर जांच कमेटी गठित की है। बुधवार शाम को इस संबंध में राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने आदेश जारी किया। जिसमें उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है और उसे जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट देने को कहा।
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उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में इन दिनों हंगामा मचा हुआ है। कुलपति सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को कुशल शासक बताने के बाद से स्टूडेंट्स नाराज हैं। मंगलवार को भी प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने प्रशासनिक भवन को लॉक कर दिया। जबकि वीसी अंदर ही मौजूद थीं। करीब 6 घंटे बाद रात 11.30 बजे उन्हें पुलिस सिक्योरिटी में घर पहुंचाया गया। पढ़ें पूरी खबर
6 घंटे बाद वीसी को सुरक्षा के बीच निवास पहुंचाया:देर रात छात्रों के जाने बाद 11:30 बजे ऑफिस का ताला खोला, फिलहाल यूनिवर्सिटी नहीं आएंगी कुलपति

सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में वीसी के औरंगजेब को कुशल शासक बताने वाले बयान को लेकर छात्रों ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया। शाम को वीसी सुनीता मिश्रा प्रशासनिक भवन पहुंचीं। (पढ़ें पूरी खबर)
उदयपुर में औरंगजेब की प्रशंसा पर सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में हंगामा:छात्रों ने कांच फोड़े, पुतला जलाया; बोले-कुलगुरु को हटाया जाए नहीं तो आंदोलन करेंगे

उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में औरंगजेब की प्रशंसा करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को छात्रों ने कुलगुरु सुनीता मिश्रा के खिलाफ हंगामा किया। छात्र प्रशासनिक भवन में पीछे के गेट से घुसे। दरवाजों के कांच तोड़ दिए। कुलगुरु का पुतला फूंका, इसके बाद टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को बिगड़ते देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बुलाई। पढ़ें पूरी खबर
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