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सीएम भजनलाल शर्मा और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने रिफाइनरी की विजिट कर कहा कि इस साल रिफाइनरी शुरू हो जाएगी। लेकिन कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने प्रेस वार्ता कर उनके दावों को फेल बताया। इन्होंने पहले भी विजिट की लेकिन पहले भी म
बेनीवाल बोले- रिफाइनरी शुरू होने की तारीख पर तारीख आ रही है
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा- सीएम और मंत्री रिफाइनरी आते है विजिट करके चले जाते है। इसके रिफाइनरी शुरू होने की डेट को आगे बढ़ा देते है। इसक शुरूआती लागत 43 हजार करोड़ रुपए थी। सरकार की उदासीनता के चलते लगातार लागत बढ़कर 1 लाख करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। जब तक रिफाइनरी शुरू होगी लगभग 1 लाख 30 हजार करोड़ से ज्यादा पहुंच जाएगी। कुछ ऐसी कंपनियों को टेंडर दे दिए। उन कंपनियां योग्य नहीं थी। उल्टे सीधे कागज लगाकर टेंडर दिए। जिसकी वजह से रिफाइनरी लेट हो रही है। पहले 2023 में पूरी होने की डेट आई। फिर 2024 की, फिर 2025 जनवरी, मार्च, अगस्त तक आ गई। ऐसे करके तारीख पर तारीख आ रही है। लेकिन अभी तक लग नहीं रहा है कि रिफाइनरी कब पूरी होगी। जब भी सीएम रिफाइनरी आते है तो छोटा-बड़ा उद्घाटन कर देते है। उद्घाटन तो एक ही बार होता है। जब फुल प्रोडक्शन में आती है। लेट होने की वजह से राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। हर साल 10-15 हजार करोड़ एक्स्ट्रा खर्चा लग रहा है। यह पब्लिक पैसे का नुकसान हो रहा है।
सांसद बोले- रॉ मेटेरियल जामनगर या अन्य जगह भेजने की सरकार की इच्छा
पेट्रो केमिकल जोन इंडस्ट्रीज लगने के सवाल पर बेनीवाल ने कहा- अभी खाली बातें ही हो रही है। रिफाइनरी का जो काम मुझे नहीं लगता है कि 2028 से पहले पूरा हो जाए। अभी दो से ढाई साल और लगेगें। पेट्रो कैमिकल जोन हब बनाने की सरकार बार-बार कह रही है। अभी केवल बातें ही बातें है। धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ है। न ही कोई जमीन अलांट की है। न ही कोई इंडस्ट्रीज एरिया डवलपमेंट और नोटिफाइड किया गया है। केवल बातें हो रही है बातों से काम नहीं चलने वाला है। सरकार की इनकी करने की इच्छा ही नहीं है। रॉ मेटेरियल जामनगर और अन्य जगह ले जाने की इच्छा है। अगर यहां पर इनकी करने की इच्छा होती तो इंडस्ट्रीज एरिया का डवलपमेंट हो जाता।
बेनीवाल बोले- इंडस्ट्रीज लगाने को लेकर व्यापारियों संशय
सांसद ने कहा कि इस रिफाइनरी से निकलने वाला रॉ मेटेरियल को लेकर व्यापारियों के अंदर संदेह है कि हमें किस रेट में मिलेगा। या हो सकता है कि बड़ा व्यापारी थोक में पूरा माल खरीद लें। या अन्य व्यापारियों को रॉ मेटेरियल नहीं मिलेगा। तो फैक्ट्री लगाकर क्या करेंगे। यह भी व्यापारियों के अंदर संशय है। सरकार की स्पष्ट नीति होनी चाहिए। व्यापारियों को पूरा भरोसा दिलाए कि आप इन्वेस्ट करें और फैक्ट्री लगाएं। आपको 10-15 प्रतिशत कम या इंटरनेशनल वेल्यू से रिआयत दर पर रॉ मेटेरियल दिया जाएगा। इंडस्ट्रीज लगा रहे हो तो जीएसटी या अन्य प्रकार से व्यापारियों को छूट दें ताकि यहां पर नए इंडस्ट्रीज डवलपमेंट हो सकें।
रिफाइनरी में गई नमक खानों के बदले दूसरी जगह जमीन या मुआवजे अभी तक नहीं मिला
नमक उद्योग के सवाल पर सांसद ने कहा खारवाल समाज की मांग उचित है। जब रिफाइनरी लग रही थी तब उनको आश्वासन दिया था कि खाने रिफाइनरी के अंदर जा रही है उसके बदले दूसरी जगह जमीन या उचित मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन वो बात की बात रही आज दिन तक उनको न तो मुआवजा दिया और नहीं, नई जमीनें अलॉट की गई। उनके हकों के साथ कुठाराघात हुआ है।
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