मोती डूंगरी स्थित बाबा के दरबार में तय्यारियां चल रही
अलवर में मोती डूंगरी स्थित सैय्यद बाबा का 22वां वार्षिक उर्स गुरुवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। बुधवार को सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया। कार्यक्रम में देशभर से कव्वालों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
गुरुवार तड़के सुबह 5 बजे सैय्यद रहमान अली बादशाह बाबा और जुम्मेखां पठान बाबा को पंचामृत स्नान कराया जाएगा, इसके बाद अजमेर शरीफ से मंगाई गई चादर पेश की जाएगी। सुबह 10 बजे से भंडारे की शुरुआत होगी। शाम 4 बजे से कव्वाली कार्यक्रम होगा जिसमें दिल्ली से मशहूर कव्वाल हमसर हयात निज़ामी ब्रदर्स, हेमंत राज, जोधपुर से तोफिक रिजवान एंड ग्रुप और अलवर के गुलशन म्यूज़िक ग्रुप प्रस्तुति देंगे।
दरगाह को कोलकाता के फूलों से सजाया जाएगा और इत्र कन्नौज से मंगवाया गया है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मोती डूंगरी परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।
सैय्यद बाबा सत्संग समिति मोती डूंगरी के सचिव रामौतार ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी दरगाह का श्रृंगार विशेष रूप से कोलकाता के फूलों से किया गया है। अजमेर से चादर मंगवाई गई है और इत्र कन्नौज से लाया गया है। समिति अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि पंचामृत स्नान के बाद चादर पेश की जाएगी सुबह 10 बजे भंडारा शुरू होकर बाबा की इच्छा तक आयोजन होगा।

एक ही छत के नीचे सैय्यद दरबार व हनुमान मंदिर
गगन जायसवाल ने बताया कि मोती डूंगरी अलवर में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है, जहां हनुमान मंदिर और सैय्यद बाबा की दरगाह एक ही छत के नीचे स्थित है और दोनों समुदायों के लोग एक साथ आते हैं। रवि शर्मा ने बताया कि मंगलवार को शुरू हुआ रामायण पाठ बुधवार को संपन्न हुआ। बाबूलाल सैनी ने बताया कि सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और गुरुवार को हजारों लोग उर्स में शामिल होंगे।
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