बाड़मेर और बालोतरा जिले से निकलने वाली लूणी नदी का बहाव तेज और उफान पर होने के कारण बालोतरा बीओटी पुल के ऊपर से पानी बह रहा है।
वहीं बाड़मेर जिले के बाखासर इलाके के आसपास इलाके में फंसे पशुपालकों और उनके 21 सदस्यों ओर मवेशियों को सुरक्षित निकाल दिया गया है। सेना और एसडीआरएफ की टीमों ने बाहर निकाला। कच्छ से सटी चार तहसीलों में अधिक बारिश हुई है।
बारिश के चलते लूणी नदी उफान पर है। बाड़मेर-बालोतरा में नदी के प्रवेश के बाद परशुराम गिरी के सानिध्य में महाआरती कर उतारी गई। पानी इसी तरीके से बहने की भगवान से मन्नतें मांगी।

सेना ने रेस्क्यू कर 21 सदस्यों और मवेशियों को बचाया।
बालोतरा शहर के बीओटी पुल को किया बंद
दरअसल, प्रदेश में इस बार जमकर बरस रहे मानसून से पश्चिमी राजस्थान की जीवनदायिनी लूणी नदी अपने उफान पर है। पाली व जालोर में अधिक बारिश से सूकड़ी नदी के पानी की आवाक तेज होने के बाद लूणी का जलस्तर भी अचानक बढ़ गया है।
पहले का पानी स्तर तीन से चार फीट था जो सोमवार को तेज वेग के साथ 5-6 फीट तक बहाव हो गया। लूणी का पानी बालोतरा शहर के बीओटी पुल के ऊपर से बहने लगा है।
बीओटी पुल के पिलर तक पान पहुंचने से पहले बालोतरा-जसोल मुख्य मार्ग बीओटी पुल से आवाजाही बंद करवाकर बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया। कलेक्टर सुशील कुमार व एसपी रमेश कुमार ने बीओटी पुल पर पहुंचकर जायजा लिया।
बाड़मेर की चार तहसील में ज्यादा बारिश
कच्छे से सटे बाखासर, धनाऊ, सेड़वा, धोरीमन्ना गुड़ामालनी इलाके में ही भारी बारिश का असर दिखा है। जिले की 8 तहसीलों को बूंदाबांदी से ही संतुष्ट होना पड़ा। बीते 48 घंटे में गुड़ामालनी में 187, सेड़वा में 131, धोरीमन्ना में 162, धनाऊ में 127 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह चारों तहसील कच्छ इलाके से सटी हुई है।

बालोतरा बीओटी पुल से पानी बहने पर प्रशासन ने करवाया आवागमन बंद।
सेना और एसडीआरएफ ने 21 लोगों का किया रेस्क्यू गुड़ामालानी से लेकर बाखासर तक करीब 100 किलोमीटर तक लूणी नदी के किनारे कई पशुपालक परिवार अस्थाई रूप से रह रहे थे। लेकिन, लूणी नदी के पानी बढ़ने के कारण पशुपालक व मवेशी फंस गए।
रविवार और सोमवार को बाखासरा के नवापुरा के दासोरिया गांव फंसे सभी 15 पशुपालकों को सुरक्षित निकाल दिया गया। इनके सहित कुल 21 लोगों को सेना के जवानों ने एसडीआरएफ की टीमों के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला गया।
पशुपालकों की भेड़-बकरियां टापू पर फंसी हुई थी। सोमवार शाम को बाहर निकाल दिया। इस दौरान एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई, डिप्टी जीवनलाल खत्री, ग्रामसेवक गोपालराम पटवारी हंसराज मीणा, हेमाराम समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

सेना ने रेस्क्यू कर 21 पशुपालकों समेत परिवार सदस्यों को सुरक्षित निकाला।
पाली, जालोर व जोधपुर में भारी बारिश से बांडी व सूकड़ी के लूणी में मिलने से बढ़ा जल स्तर
पाली-जालोर, जोधपुर सहित बालोतरा जिले में लगातार बरसात हो रही है। खासकर पाली व जालोर में मूसलाधार बारिश होने के बाद तालाब-नाडिया व छोटे बांध लबालब होने पर बांडी व सकूड़ी नदी में पानी की आवाक शुरू हो गई थी। 17 जुलाई को बालोतरा में तीसरे साल लगातार लूणी नदी में पानी की आवाक हुई। एक माह तक च ली नदी का बहाव थमने लगा था। अब दुबारा बारिश से जल स्तर बढ़ गया है। रविवार शाम को समदड़ी के सीमावर्ती गांवों में सूकड़ी का पानी तेजी से बढ़ने पर लूणी नदी के बहाव में बढ़ोत्तरी होने लगी।
लूणी नदी की आवाक से बालोतरा में डूबे 10, 2 लापता
लूणी नदी में पानी की आवक होने के बाद से डूबने से 10 जनों की मौत हो चुकी है। वहीं तिलवाड़ा व भाआला में लूणी नदी में डूबे दो युवकों का चौथे दिन भी पता नहीं चल पाया है। अब रेस्क्यू भी बाधित हो गया है।

मरू गंगा लूणी नदी में बहाव तेज होने पर महंत परशुराम गिरी महाराज के सानिध्य में बालोतरा बीओअी पुल पर की महाआरती
बालोतरा में बीओटी पुल के ऊपर से पानी बहने पर की महाआरती
बालोतरा शहर के छत्रियों का मोर्चा लूणी नदी पर सोमवार शाम 7 बजे लूणी नदी के आने पर महंत परशुराम गिरी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर लूणी नदी महाआरती उतारी। आरती के समय संपूर्ण वातावरण घंटियों, शंखनाद व भजन-कीर्तन से गूंज उठा।
लोगों ने नदी किनारे दीप जलाए और परिवार सहित आस्था के साथ आराधना की। महंत परशुराम गिरी महाराज ने कहा कि बीते दो-तीन सालों से लगातार लूणी नदी आ रही है। यह ईश्वरीय कृपा का प्रतीक है। इस दौरान पूजा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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