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बाड़मेर पूर्व विधायक मेवाराम जैन की वापसी के बाद बाड़मेर कांग्रेस दो गुटों में बंट गई है। एक तरफ जैन के समर्थक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। जगह-जगह होर्डिग्स लगा रहे है। वहीं दूसरी तरफ बाड़मेर में पूर्व विधायक के कथित अश्लील वीडियो का एक फोटो
इस संबंध में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गफूर अहमद से बात की तो उन्होंने कहा कि यह मेरे नॉलेज में नहीं है।
मेवाराम जैन की एंट्री के बाद इनके विरोधी कांग्रेस के कई दिग्गज नेता दिल्ली में गुरुवार को हुई कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद वापस अपने-अपने इलाकों में लौट आए हैं।
हालांकि कुछ नेता शुक्रवार को भी दिल्ली में रहे और देर शाम तक जोधपुर और जयपुर लौट आए।
पूर्व विधायक घर वापसी के बाद आज आ रहे बाड़मेर
पूर्व विधायक मेवाराम जैन शनिवार को बाड़मेर पहुंचेंगे। इसके लिए कार्यकर्ता स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। मेवाराम जैन को 7 जनवरी 2024 को कांग्रेस पार्टी से निष्कासित किया था। इसके बाद करीब 20 माह तक पार्टी से बाहर रहे और अब कांग्रेस में वापसी हो गई है। उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मेवाराम जैन की एंट्री करवाकर दिया मैसेज
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जादू फिर से चला और कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात के बाद वापसी से कई कांग्रेसी नेताओं में खलबली मच गई। जबकि बाड़मेर के दिग्गज कांग्रेसी नेता विरोध जता रहे थे। इस बीच 22 सितंबर को अनुशासन कमेटी में निर्णय के बाद जैन की वापसी होने की खबर मिली तो 24 सितंबर को ही कई नेता दिल्ली पहुंच गए थे। इसके बाद 25 को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इस दौरान खरगे ने कहा कि आप लोगों ने बहुत देर कर दी। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने लिखित में मेवाराम जैन को कांग्रेस पार्टी में लेने की अनुशंसा की है।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओ की इस्तीफे की चली अफवाह
इसके बाद पार्टी से निष्कासन रद्द करने का 22 सितंबर को ही इधर सोशल मीडिया पर नाराज कांग्रेस नेताओं की ओर से इस्तीफे दिए जाने की आशंका को लेकर दिनभर अफवाह चलती रही। इस बीच कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने बताया कि इस्तीफे सिर्फ अफवाह है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ उनकी मीटिंग हुई और उनके सामने बात रख दी।
जैन को कांग्रेस पार्टी में लिए जाने से कांग्रेस के कार्यक र्ताओं में नाराजगी थी कि हम उनके साथ मंच साझा नहीं कर सकेंगे। अब सभी नेता दिल्ली से वापस आ चुके हैं। आदेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जब प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष किसी की अनुशंसा कर देते हैं तो उसे रोक पाना मुश्किल रहता है। इसी वजह से उनका आदेश जारी हो चुका है।
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