कंटेनर के नीचे दबे 2 दोस्तों अक्षित और कपिल के शव जब घर पहुंचे तो उन्हें थैलों में भरकर कपड़े में लपेटकर लाया गया। परिजन आखिरी बार अपने बच्चों का चेहरा भी नहीं देख पाए, शव बुरी तरह पिचक गए थे। हादसा इतना भीषण था कि 2 क्रेनों से भी कंटेनर नहीं उठा तो इ
मौके पर मौजूद दोस्त ने ये भीषण मंजर अपनी आंखों के सामने देखा। मौके से अक्षित के दोस्त सूफियान को एक्सीडेंट के बारे में सबसे पहले पता चला। सामने से आई आवाज ने कहा था- यहां जल्दी आ जाओ, आपके दोस्त को चोट लगी है।
जैसे ही सूफियान अपने साथ एक दोस्त कार्तिक को लेकर मौके पर पहुंचा तो नजारा देख उसकी आंखें फटी की फटी रह गई। अक्षित-कपिल की बाइक कंटेनर के नीचे दबी थी। अक्षित का सिर्फ धड़ बाहर था, सिर कंटेनर के नीचे था।
कपिल-अक्षित के परिजन बात करने की हालत में नहीं हैं। कपिल के पिता अस्पताल के बाहर बैठे-बैठे रोते रहे। वहीं कपिल के परिजनों ने बात करने से इनकार कर दिया।

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पहले ब्रीफ में पढ़िए हादसे की डिटेल्स
भदेसर SHO ने बताया- चित्तौड़गढ़-उदयपुर हाईवे पर मंगलवार सुबह 11:30 एक कंटेनर के नीचे दबने से कपिल मेनारिया (30) पुत्र मोहन मेनारिया निवासी नगर पालिका कॉलोनी और अक्षित सोनी (24) पुत्र गोपाल सोनी निवासी सोनी मोहल्ला की मौत हो गई। कपिल और अक्षित एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे।

कपिल के पिता बेटे के शव को देख अस्पताल में मॉर्च्युरी के बाहर सिसकते रहे।
कंपनी के लिए रिकवरी कर लौट रहे थे
SHO ने बताया- दोनों सुबह 8:30 बजे के बानसेन और भादसोड़ा के आसपास के गावों से कंपनी के लिए रिकवरी करने गए थे। फिर दोनों लौटते समय प्राकट्य स्थल वागुंड स्थित श्री सांवलिया जी के दर्शन करने चले गए थे। इस दौरान फाइनेंस ऑफिस लौटते समय 11:30 बजे बानसेन पुलिया पर हादसा हुआ। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। ड्राइवर मौके से भाग गया है, जिसकी तलाश जारी है।

तस्वीर, अक्षित के अंतिम संस्कार से पहले की है। परिजन उसका चेहरा तक नहीं देख पाए।
कंटेनर के नीचे दबे
भदेसर SHO धर्मराज मीणा ने बताया- बाइक कंटेनर के आगे वाले हिस्से में दबी हुई थी और एक युवक कंटेनर के नीचे दबा था। जबकि दूसरे का शव सबसे पीछे वाले हिस्से में धड़ अलग और सिर अंदर दबा था।
SHO ने बताया- संभवतया कंटेनर और बाइक एक साथ चल रहे थे। इसी दौरान कंटेनर के अगले वाले हिस्से से बाइक टच हुई है और फिर बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने कंटेनर को दूसरी तरफ काटा। ऐसे में, कंटेनर का पिछले हिस्सा पलटी खा गया और दोनों युवकों पर गिर गया।

अब पढ़िए दोस्त की जुबानी पूरे हादसे की आंखों-देखी
मिलने के लिए की थी दोस्त ने कॉल
अक्षत को सूफियान की कॉल हादसे की सूचना सबसे पहले अक्षित के दोस्त सूफियान शेख को मिली थी। सूफियान बताते हैं- उन्होंने करीब 11:30 बजे अक्षित को कॉल किया था। उसका फोन किसी और ने उठाया था। जिसने फोन उठाया उसने कहा कि आपके दोस्त को चोट आई है हम उसे हॉस्पिटल पहुंचा रहे हैं। लेकिन आपको पहले बानसेन पुलिया के पास आना होगा। लोकेशन के आधार पर सूफियान अपने एक दोस्त कार्तिक के साथ निकला।

तस्वीर, हादसे के बाद की है। शव इतनी बुरी हालत में थे कि उन पर कपड़ा ढकना पड़ा।
मंजर देख रो पड़ा
सूफियान बताते हैं- जब हम लोकेशन पर पहुंचे तो मामला गंभीर नजर आया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा थी और बड़ा सा कंटेनर पलटा हुआ था। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि बड़ा एक्सीडेंट हुआ है। जैसे ही पास गए अक्षित के शव को ही देख पाए। उसका सिर कंटेनर के नीचे था और धड़ बाहर पड़ा था। हम वो मंजर देख वहीं रो पड़े।
सूफियान ने बताया कि सोमवार रात को ही उससे मुलाकात हुई थी। उसने कहा था कल एक काम निपटा कर मिलता हूं। पता नहीं था कि दूसरे दिन ही अक्षित के मौत की खबर आएगी। वह मेरे बचपन का दोस्त था।

भीषण हादसे में कपिल-अक्षित की मौत हो गई।
कपिल के 5 साल का बेटा; मामा की होटल में हेल्प करता था अक्षित
बाइक कपिल चला रहा था और पीछे अक्षित बैठा था। कपिल के एक 5 साल का बेटा है। कपिल का बड़ा भाई मैकेनिक है और पिता ऑटो सर्विस की दुकान करते हैं। कपिल डेढ़ महीने पहले ही फाइनेंस कंपनी में लगा था। अक्षित भी 2 महीने पहले ही फाइनेंस की जॉब कर रहा था। इससे पहले वह अपने मामा जी के होटल के बिजनेस में उनकी हेल्प करता था।
अक्षित की मां सालों पहले घर छोड़ कर चली गई थी। पिता भी गोपाल भी मानसिक रूप से बीमार रहते हैं। उसके चाचा ज्वेलरी की दुकान करते हैं उसी से घर का खर्चा निकल रहा था। अक्षित की एक छोटी बहन है।

तस्वीर, उस वक्त की है जब 2 क्रेनों से कंटेनर को उठाने का प्रयास किया था। लेकिन, वह इतना भारी था कि उठा ही नहीं। क्रेन पर लोगों को खड़ा किया ताकि इस पर वजन रहे।
2 क्रेनों से भी नहीं उठा कंटेनर
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कंटेनर उदयपुर से चित्तौड़गढ़ बारदाना लेकर आ रहा था। जिससे प्लास्टिक के कट्टे बनाए जाते हैं। कंटेनर जब पलटा तो उसे उठाने के लिए पुलिस को 2 क्रेन मंगवानी पड़ी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। शव इतनी बुरी स्थिति में थे कि पुलिस को थैलियों भरकर कपड़े में बांधकर मॉर्च्युरी तक पहुंचाना पड़ा।
परिजनों ने बताया- कपिल और अक्षित ने सुबह रिकवरी के बाद फोटो खींच कर अपनी कंपनी के ग्रुप में डाला था। उसी फोटो के जरिए उनकी परिजनों ने पहचान की।
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चित्तौड़गढ़ में बेकाबू कंटेनर बाइक सवारों पर पलट गया। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। एक युवक का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि दूसरा युवक कंटेनर के नीचे दब गया। एक्सीडेंट उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर मंगलवार को भदेसर इलाके में बानसेन पुलिया पर हुआ। हादसे के बाद एक युवक का शव प्लास्टिक बैग और दूसरे युवक की बॉडी दो हिस्सों में ले गए। (पढ़ें पूरी खबर)
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