झालावाड़ के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत के बाद आज उदयपुर में भी एक सरकारी स्कूल की छत ढह गई। गनीमत रही कि रविवार को अवकाश का दिन था। इसलिए बच्चे नहीं थे। नहीं तो यहां फिर से बड़ा हादसा हो सकता था। घटना वल्लभनगर के रूप
बताया जा रहा है कि स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार जर्जर स्कूल की शिकायत यहां के स्टाफ और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को की थी। इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन भी किया जा चुका है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया। घटना अलसुबह की है जब स्कूल की छत भरभराकर गिर गई। एक ग्रामीण जब वहां पहुंचा तो देखकर हैरान रह गया। उसने हैड मास्टर फतहसिंह को सूचना दी।

जानकारी अनुसार जिस बरामदे की छत और दीवार ढही है उसी छत के नीचे रोज क्लास लगती थी। रोज बच्चे पढ़ाई करते थे। छत कई सालों से जर्जर अवस्था में थी।
जिस बरामदे की छत ढही, रोज उसी में पढ़ते थे बच्चे जानकारी अनुसार जिस बरामदे की छत और दीवार ढही है उसी छत के नीचे रोज क्लास लगती थी। रोज बच्चे पढ़ाई करते थे। छत कई सालों से जर्जर अवस्था में थी। बारिश के दिनों में छत से पानी क्लास में आता था। बीती रात फिर से उदयपुर में बारिश शुरू हुई और सुबह बरामदे की छत गिर गई। अगर आज अवकाश नहीं होता था तो बच्चों की जान खतरे में जा सकती थी।
पूर्व में विभाग को दे दी थी जानकारी: हैड मास्टर स्कूल हैड मास्टर फतह सिंह झाला का कहना है कि स्कूल के जर्जर भवन की हालत के बारे में पूर्व में विभाग को अवगत करा दिया था। इसके रिपेयर करने के लिए पैसा पास भी हो चुका है। शायद बारिश बाद इसकी मरम्मत की जाएगी। वर्ष 1984 में ये भवन बना। जिसमें आरसीसी छत नहीं है। पट्टी की छत है।
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