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पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस की गुटबाजी और नेताओं के झगड़ों की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। गहलोत ने कहा- कार्यकर्ता अभी कंफ्यूजन में है। कोई झगड़ा है जिले में स्टेट लेवल पर, किसके यहां जाऊं, किसी से क्या बात करूं। उस वक्त तमाम कन्फ्

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गहलोत ने कहा- अभी वह वक्त नहीं है यह सब करने का। अभी आप पार्लियामेंट में 44 से 54 पर आए फिर 98 पर आए। राजीव गांधी के वक्त में हमारे 414 सांसद थे। कहां तो 414 एमपी थे और कहां 98 पर हैं। कांग्रेस मजबूत होगी तभी तो आप लड़ पाओगे, तमाम कांग्रेस अपने मतभेद भुलाकर एकजुट हों और आगे बढ़ें।

अगली बार मामूली बार चुनाव नहीं घमासान होने वाला है, आपको पता नहीं लगेगा क्या हो गया?

गहलोत ने कहा- बीजेपी और आरएसएस के पास धनबल है। दिल्ली में फाइव स्टार दफ्तर बन रहे हैं, आरएसएस के अलग-अलग संगठन बने हुए हैं उनके भी शानदार दफ्तर बन रहे हैं। चुनाव में धन बल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वोटर लिस्ट में गड़बड़ करते हैं। आगे आपको चुनाव लड़ना है। अगली बार मामूली चुनाव नहीं होने वाला है घमासान होने वाला है। बीजेपी वाले धनबल से इतना मजबूत हो गए हैं पैसा देकर लोगों को खरीद लेते हैं । आपको कैडरबेस लोगों को तैयार करना पड़ेगा, जिन पर विश्वास हो, जो बूथ के अंदर और बाहर बैठें, कैंपेन करें, वह सब आपको करना पड़ेगा। नहीं तो आपको पता ही नहीं लगेगा कि क्या हो गया, परिणाम यह कैसे आ गया?

नया उपराष्ट्रपति भवन धनखड़ के लिए मनहूस साबित हुआ, उन्हें पांच साल पूरे करने चाहिए थे

गहलोत ने कहा- ये देश की आजादी की विरासत को खत्म करना चाहते हैं, ये चाहते हैं की पूरी विरासत को खत्म कर दिया जाए। संसद का नया भवन बना दिया जिसकी कोई जरूरत नहीं थी। आप पूरा विस्टा बन रहे हो। पीएम हाउस, उपराष्ट्रपति भवन नया बना दिया । उपराष्ट्रपति भवन उपराष्ट्रपति के लिए मनहूस साबित हुआ। हमारे राजस्थान के उपराष्ट्रपति किसान नेता उनके लिए वह भवन मनहूस साबित हुआ है। पहले वाले भवन में थे तो आराम से थे। वहां पहले वालों ने 5 साल निकाल दिए। पता नहीं नया-नया भवन बना है, उसमें क्या हुआ। उसमें मुश्किल से साल भर रहे, उनको 5 साल पूरे करने चाहिए थे। पता नहीं क्यों नया-नया उपराष्ट्रपति भवन बनाया, कोई जरूरत नहीं थी।

थेले पर मेरी जगह पंडित भजनलाल की फोटो लगा देते, वो थेला गरीब का था उसे बंद क्यों किया?

गहलोत ने कहा- राजस्थान में हमारी योजनाओं के नाम बदल रहे हैं। मैंने कहा था पंडित भजनलालजी को, वो थेला गरीब का था वह बंद क्यों किया? फोटो मेरी लगी हुई थी, मेरी फोटो हटा करके पंडित भजनलाल की फोटो लग जाती और स्कीम चलती रहती। अब मैं जहां जाता हूं लोग कहते हैं कि उसे बंद कर दिया। आजकल खाली थेला पकड़ा देते हैं। हमारी स्कीम को बंद कर दिया, एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की फोटो लगाकर खाली थेले बांट दिए। मैंने कहा कि आपने स्कीम क्यों बंद की आप फोटो बदल देते।



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