नाबालिग से रेप के मामले में सजा काट रहे आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त की सुनवाई में उसकी अंतरिम जमानत आगे बढ़ाने से मना कर दिया था।
जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने फैसले में कहा था कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आसाराम की तबीयत स्थिर है। उसे हॉस्पिटल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत नहीं है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को आसाराम की अंतरित जमानत आगे बढ़ाने से मना कर दिया था
कोर्ट ने फैसले में कहा था
कोर्ट ने अपने फैसले में अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड की ओर से दी गई रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि आसाराम ने पिछले 3-4 महीनों में इलाज के लिए कई यात्राएं की हैं। इनमें वो अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, जयपुर, ऋषिकेश इत्यादि कई शहरों में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पतालों में इलाज कराता रहा है।
मेडिकल बोर्ड ने पाया- आसाराम ने “with out common observe up at one or two hospitals particularly in final 3-4 months” – यानी पिछले 3-4 महीनों में किसी एक-दो हॉस्पिटल में नियमित फॉलो-अप नहीं कराया है।
आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने कोर्ट में दलील थी दी कि 21 अगस्त को आसाराम को एम्स जोधपुर ले जाया गया था और वहां के डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट दी है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल बोर्ड
राजस्थान हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिया था कि वे एक मेडिकल बोर्ड गठित करें और आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराएं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या उसे अस्पताल में भर्ती होने या लगातार मेडिकल सपोर्ट की जरूरत है। इससे पहले 14 जनवरी को कोर्ट ने आसाराम को अस्थायी जमानत दी थी।

ये फोटो 18 अगस्त का है, जब आसाराम को
18 अगस्त को हुई मेडिकल जांच
कोर्ट के निर्देशानुसार- अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के सक्षम अधिकारी ने आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया था। इसमें 6 डॉक्टर्स को शामिल किया गया। इनमें
18 अगस्त को आसाराम को अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जिसने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की।
मेडिकल बोर्ड में 6 डॉक्टर्स को किया शामिल
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आसाराम की जांच एक विशेषज्ञ समिति की ओर से की गई, जिसमें निम्नलिखित डॉक्टर शामिल थे: ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोमेश सिंह, फिजियोथेरेपिस्ट जयप्रकाश, सीएचए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. भूमित पटेल, आईकेडीआरसी नेफ्रोलॉजी प्रोफेसर डॉ. विवेक कुटे, सीएचए जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर डॉ. हिमेश, और यूरोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धवल देसाई को शामिल किया गया।
बिना सत्यापित मेडिकल दस्तावेजों की फोटोकॉपी और मेडिकल जांच
मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि आसाराम की जांच उसके अपने बयान, बिना सत्यापित फोटोकॉपी मेडिकल दस्तावेजों की समीक्षा और हॉस्पिटल में किए गए प्रयोगशाला और रेडियोलॉजिकल जांच के आधार पर की गई। इस रिपोर्ट में कहा गया:
- उन्होंने कई बार सलाह ली है और मुख्यतः एम्स जोधपुर में ओपीडी और इनडोर इलाज लिया है।
- पिछले 3-4 महीनों में उन्होंने कई यात्रा की है। अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, जयपुर, ऋषिकेश आदि कई शहरों के एलोपैथिक और आयुर्वेदिक हॉस्पिटलों में सलाह ली है।
- लगभग सभी प्रस्तुत दस्तावेजों में उनकी नैदानिक स्थिति स्थिर दिखाई दे रही है।
आसाराम को ये है बीमारी मेडिकल बोर्ड ने स्पष्ट रूप से कहा कि आसाराम की वर्तमान में स्थिति क्लिनिकली स्थिर है। उसे हॉस्पिटल में भर्ती होने या लगातार मेडिकल सहायता की जरूरत नहीं है।

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86 साल के आसाराम को 30 अगस्त की सुबह 10 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा। वह गुजरात और राजस्थान में रेप के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)
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