जवाहर कला केन्द्र का चर्चित श्री रामलीला, दशहरा नाट्य उत्सव इस बार खास चर्चाओं में है। इस बार नाट्य उत्सव के लिए देशभर से आवेदन मांगे गए थे, जिसमें लगभग 10 संस्थाओं और कलाकारों से प्रस्तुति के लिए आवेदन किया था। पिछले दिनों एक्सपर्ट टीम के इंटरव्यू क

जेकेके प्रशासन अरु स्वाति व्यास को लैटर जारी कर स्वीकृति प्रदान करने की तैयारी में है।
इस आयोजन के लिए दो दिन में लगभग 25 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। जेकेके प्रशासन लाइट, साउंड और अन्य व्यवस्थाओं के अलावा निर्देशक को बाकी का भुगतान एकमुश्त करेगा। निर्देशक ही अपनी टीम के कलाकारों को खुद भुगतान करेंगे। अरु स्वाति पिछले काफी समय से मानस रामायण की प्रस्तुति देते आए है। जुलाई माह में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में इसकी प्रस्तुति हो चुकी है। इसके लिए आरआईसी ने लगभग 15 लाख रुपए का भुगतान किया था। इस प्रस्तुति के लिए लगभग 80 से ज्यादा कलाकारों की टीम जोधपुर से जयपुर आएंगी। वहीं से प्रस्तुति का सेट भी आएगा।

इस आयोजन के लिए दो दिन में लगभग 25 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
इन कलाकारों और संस्थाओं ने भी किया था आवेदन
दशहरा नाट्य उत्सव के लिए अरु स्वाति व्यास के अलावा केएल कलावत ने कलामंच संस्था के बैनर तले रामायण (रामचरित्र), राजस्थानी रामलीला संस्थान, सूरतगढ़ के मनोज कुमार स्वामी ने श्री रामलीला नाट्य महोत्सव, हिमांशु द्विवेदी ग्वालियर ने महावीर चरितम, सौरभ भट्ट, वीणा कलापाणी मंदिर समिति ने संगीतमय रामलीला के मंचन, संस्कार भारती मध्यप्रदेश ने श्री रामलीला, कविता सिंह एवं सुशील सिंह भाटी, भव्य कवि कला आर्ट्स ने श्री रामलीला दशहरा नाट्य महोत्सव, राजेन्द्र शर्मा, रंगशिल्प नाट्य समिति के रामायण महाकाव्य, सागर शेंडे, स्वर्गीय नाना शेंडे स्मृति नाट्य संस्था ने श्री रामलीला दशहरा नाट्य महोत्सव और अरविंद सिंह सुमुखा ने सीता वनवास नाम से आवेदन किया था। जूरी मेम्बर में शामिल थे ये नाम श्री रामलीला, दशहरा नाट्य उत्सव में प्राप्त प्रस्ताव के चयन के लिए चयन समिति का गठन किया गया था। जिनमें टीकम जोशी, डॉ मधु भट्ट तैलंग और अजय कुमार शामिल थे। टीकम जोशी मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक है। डॉ मधु भट्ट देश की प्रख्यात ध्रुवपद गायिका है। अजय कुमार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के एसोसिएट प्रोफेसर है। 20 दिन में तैयार होगी प्रस्तुति एक सितम्बर को चयन समिति ने अपनी रिपोर्ट जेकेके को सौंप दी थी। जिसके बाद 11 सितम्बर तक जेकेके प्रशासन ने सफल आवेदक को लैटर जारी भी नहीं किया है। सिर्फ अभी तक नेगोशिएशन के लिए जरूर बुलाया गया है। इसके बाद कलाकारों को सिर्फ 18 दिन के समय में यह प्रस्तुति तैयार करनी होगी। यह प्रस्तुति एक और दो अक्टूबर को जवाहर कला केन्द्र के मुक्ताकाशी मंच पर होगी। जयपुर के रंगकर्मियों ने कहा कि इतने कम समय में किसी भी प्रस्तुति को तैयार करना आसान नहीं है, जिनक प्रस्तुति पहले से ही तैयार है, वे ही यहां सफल आयोजन कर सकते हैं। ऑडियो-विजुअल तकनीक से होगा मंचन एनएसडी ग्रेजुएट कपल अरु स्वाति व्यास की मानस रामायण प्रस्तुति में 82 कलाकार मंच पर अभिनय करेंगे, वहीं 16 कलाकार मंच पार्श्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अभिनय गुरुकुल, जोधपुर के कलाकार ने इस मंचन में फिल्म, टेलीविजन और पारंपरिक नाट्य शैली का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करेंगे। ऑडियो-विजुअल तकनीक के माध्यम से यह रामलीला दर्शकों के लिए एक विशेष अनुभव साबित होगी। इस नाटक की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि इस प्रस्तुति को केवट के दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जाएगा। लेखक अयोध्या प्रसाद गौड़ के अनुसार, यह नाट्य प्रस्तुति गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र और आदर्शों से प्रेरित करने के लिए यह मंचन किया जाएगा।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments