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राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में मरीजों की गलत रिपोर्ट और गलत ब्लड चढ़ाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला एक साल की बच्ची दिव्यांशी का है। बच्ची को लिवर इन्फेक्शन था। जेके लोन अस्पताल की रिपोर्ट में उसके लीवर एंजाइम (एसजीओटी) 12,4
अगर इस गलत रिपोर्ट पर भरोसा कर बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया जाता तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची पूरी तरह नॉर्मल थी और उसे छुट्टी दी जा सकती थी। जबकि हकीकत में बच्ची को इंफेक्शन था और इलाज नहीं होने पर उसकी जान को खतरा तक था। गनीमत रही कि दोनों रिपोर्टों की तुलना कर इलाज शुरू कर दिया गया।
शाम 6 बजे सैंपल लिया तो भी 11 बजे पहुंचता है एसएमएस, डबल क्रॉस चेक सिस्टम नहीं शाम 6 बजे के बाद जेके लोन और अन्य अस्पतालों से करीब 100 सैंपल रोजाना एसएमएस भेजे जाते हैं। सैंपल देर से पहुंचते हैं, कभी 5-6 घंटे बाद तक। डॉक्टरों के अनुसार, इतनी देर में शुगर और इलेक्ट्रोलाइट जैसे पैरामीटर प्रभावित हो जाते हैं। रात में लैब में न तो कोई वरिष्ठ डॉक्टर रहते हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारी। क्रॉस चेक सिस्टम न होने से रिपोर्ट अनुमान के आधार पर बना दी जाती है।
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