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बांसवाड़ा जिले के उदयपुर मार्ग पर मूंगाणा गांव में स्थित प्राचीन सांगोली हनुमान मंदिर अपना भव्य स्वरूप लेने लगा है। 25 बीघा सागवान के पेड़ों के बीच स्थित मंदिर करीब 1 हजार वर्ष पुराना बताया जा रहा है। यह जिले का पहला 2 मंजिला हनुमान मंदिर हैं। मंदिर
6 करोड़ का निर्माण कार्य हो चुका संगोली हनुमान सेवा समिति मूंगाणा के कोषाध्यक्ष दलजी भाई पाटीदार ने बताया कि पिछले 13 वर्षों से इसका निर्माण कार्य लगातार चल रहा है, जिस पर अब तक 6 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। मंदिर का निर्माण अभी भी जारी है। करीब 2 करोड़ रुपए का निर्माण कार्य होना शेष बताया जा रहा है।
हर शनिवार को यहां बड़ा मेला लगता है, जिसमें बांसवाड़ा व आसपास क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मेले में करीब 200 दुकानें लगती हैं, जहां पूजा सामग्री, खिलौने, खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान उपलब्ध होता है।
मंदिर में लगे है सागवान के पेड़ मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मंदिर अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो रहा है। इसके पूर्ण होने पर यह क्षेत्र के सबसे बड़े मंदिरों में से एक होगा और यहां आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में और भी वृद्धि होने की उम्मीद है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में सागवान के पेड़ हैं। यह बिना किसी रखवाली के हैं, कोई इन्हें चुराकर काट ले जाता है तो उसके घर में नुकसान हो जाता है।
गांव के 100 युवा करते है विशेष योगदान मूंगाणा गांव के 100 युवा कुवैत में कार्यरत हैं, उनका मंदिर निर्माण में विशेष योगदान है। प्रति माह वहां से चंदा इकट्ठा कर 2 से 3 लाख रुपए भेजते हैं। जिससे मंदिर निर्माण कार्यों में मदद मिलती है। कोषाध्यक्ष पाटीदार ने बताया कि अभी तक मंदिर निर्माण के कार्यों को लेकर चंदा लेने के लिए कही नहीं गए हैं। दानदाता सामने से आकर मदद करते हैं।
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