गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को इस बार खास तरीके से मनाया जाएगा। 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में पहली बार 11 हजार लोगों की मौजूदगी में भव्य समारोह होगा। इसमें दिल्ली मे
इसके साथ ही आईएएस ट्रेनीज के कोर्स के दौरान प्रधानमंत्री का स्पीच भी यहीं होगा। अब तक यह सेशन मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी फॉर एडमिनिस्ट्रेशन (लबासना) में आयोजित होता था। इस दौरान ट्रेनी आईएएस भी मौजूद रहेंगे।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर दिल्ली के 26 जनवरी और 15 अगस्त के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा मिलिट्री परेड आयोजित होगा।
रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से शुरुआत
सेलिब्रेशन की शुरुआत 15 अक्टूबर को रोशनी के कार्यक्रम ‘ब्लैक बुल’ से होगी। 30 और 31 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री सरदार पटेल की पद पूजा करेंगे और इसके बाद ‘एकता परेड’ आयोजित होगी।
पहली बार बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर भारत पर्व का अयोजन
इस बार पहली बार 1 नवंबर से 15 नवंबर तक एकता नगर में भारत पर्व का आयोजन होगा। इसमें देशभर के राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकल प्रोडक्ट्स और खाने-पीने के स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन के आखिरी दिन 15 नवंबर को आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी मनाई जाएगी।

31 अक्टूबर को सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती मनाई जाएगी। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
सड़क और रेल मार्ग के साथ अब एयर कनेक्टिविटी भी
एकता नगर रेलवे स्टेशन पूरी तरह ग्रीन कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। यहां बड़े सोलर प्लांट से बिजली आपूर्ति होती है। वातानुकूलित बस स्टैंड से हर पांच मिनट में फ्री बस सेवा मिलती है। एसडीएम ने बताया कि अब यहां एयरपोर्ट बनाने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भविष्य में एयर कनेक्टिविटी भी उपलब्ध होगी।
एकता नगर: ग्रीन कांसेप्ट और आधुनिक सुविधाएं
केवड़िया में बसे एकता नगर को ग्रीन कांसेप्ट पर तैयार किया गया है। यहां एकता नगर रेलवे स्टेशन पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल बनाया गया है। जगह-जगह बड़े-बड़े सोलर प्लांट लगाए गए हैं, जिनसे बिजली की आपूर्ति होती है। नगर में बना बस स्टैंड वातानुकूलित है और यहां हर 5 मिनट में टूरिस्ट के लिए फ्री बस सेवा उपलब्ध है। पूरे 21 किलोमीटर क्षेत्र में घूमने के लिए ई-बसों की सुविधा दी गई है।
यहां टूरिस्ट को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। ट्राइबल कम्युनिटी की महिलाएं यहां ई-रिक्शा चलाती हैं और साथ ही टूरिस्ट को पारंपरिक ट्राइबल फूड भी सर्व किया जाता है। एकता नर्सरी में स्थित कैफेटेरिया में खाना बनाने, बिलिंग करने और सर्व करने का पूरा काम ट्राइबल महिलाएं ही करती हैं। इससे स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही पर्यटकों को अनूठा अनुभव भी मिलता है।

टूरिस्ट आकर्षण और इको-फ्रेंडली जोन
एकता नगर में टूरिस्ट के लिए नौका विहार, रिवर राफ्टिंग, चिल्ड्रन न्यूट्रीशन पार्क, एकता नर्सरी, नर्मदा आरती और लेजर लाइट शो जैसी गतिविधियां उपलब्ध हैं। अब तक यहां 40 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र को हरित क्षेत्र में बदलने की दिशा में काम हो रहा है।
साल 2024 में यहां 54 लाख टूरिस्ट पहुंचे थे। बढ़ते टूरिस्ट फुटफॉल को देखते हुए यहां जल्द ही एयर कनेक्टिविटी भी शुरू की जाएगी। देश के अलग-अलग राज्यों को यहां भवन बनाने के लिए जमीन दी जा रही है और कई 5-स्टार होटल और रिसॉर्ट भी तैयार किए गए हैं। अब यहां हॉस्पिटैलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। इसमें राजस्थान भवन, महाराष्ट्र भवन जैसे राज्यों के गेस्ट हाउस बनाए जाएंगे, जिनमें पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था होगी।
वर्ल्ड की सबसे बड़ी मूर्ति है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया में स्थित सरदार सरोवर डैम और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अब सिर्फ विकास परियोजना नहीं, बल्कि देश-दुनिया के टूरिस्ट के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गए हैं। यहां विकसित किया गया एकता नगर पूरी तरह से इको-फ्रेंडली मॉडल पर तैयार किया गया है। सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति है और इसी के इर्द-गिर्द पूरे क्षेत्र को पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में बदल दिया गया है।
सरदार सरोवर डैम चार राज्यों—गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान—की संयुक्त परियोजना है। इसकी लंबाई 1210 मीटर और ऊंचाई 163 मीटर है। डैम से 1450 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, जिसका लाभ गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को मिल रहा है। वहीं, पानी की सप्लाई राजस्थान के जालौर तक पहुंचाई जा रही है। यह डैम विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतमाला के बीच स्थित है, जो भौगोलिक रूप से भी बेहद खास है।

सरदार पटेल ने 1962 में डैम बनाने का देखा था सपना
1962 में सरदार पटेल ने नर्मदा नदी पर डैम बनाने का सपना देखा था। यह सपना 2017 में पूरा हुआ और 2018 में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन हुआ। एकता नगर तीन थीम — यूनिटी इन डायवर्सिटी, वाटर और नेचर — पर काम करता है। यहां 26 अट्रैक्शन बनाए गए हैं। इसके साथ 19 गांवों को जोड़ा गया है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आने के बाद रोजगार के अवसरों में बड़ा बदलाव आया है। यहां 90 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया गया है।
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