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जैसलमेर के आर्मी एरिया से एक संदिग्ध को सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा है। पकड़ा गए युवक का नाम जीवन खान (25) निवासी जैसलमेर बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार युवक पाकिस्तानी नंबरों से बातचीत करते हुए पकड़ा गया है। उसके मोबाइल से पाकिस्तान के नंबर भी मिले

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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकड़ा गया संदिग्ध युवक 2-3 आर्मी एरिया में ही किसी रेस्त्रां में काम करता था। उसके बाद उसने छोड़ दिया और अब दुबारा से वापस आर्मी एरिया में रेस्त्रां ज्वाइन करने आया है। ऐसे में उसकी जांच के दौरान उसके मोबाइल से पाकिस्तानी नंबर मिले हैं साथ ही पाकिस्तानी नंबरों से बातचीत की भी जानकारी मिली है। अब युवक से पूछताछ के बाद खुलासे होने की संभावना है।

गौरतलब है कि जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में 4 अगस्त को पकड़े गए DRDO गेस्ट हाउस के मैनेजर महेंद्र प्रसाद द्वारा पाकिस्तान को सैन्य जानकारियां साझा करने में पकडे जाने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई है और संदिग्धों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

जैसलमेर जिले में इस साल अब तक 3 जासूस पकड़े जा चुके

  • 26 मार्च : पहलगांव आतंकी हमले से पहले राजस्थान इंटेलिजेंस ने चांधन फील्ड फायरिंग रेंज के करीब करमों की ढाणी निवासी पठान खान को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।
  • 28 मई : राजस्थान इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में सरकारी कर्मचारी व कांग्रेस के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद के निजी सहायक रहे शकूर खान को डिटेन किया और 3 जून को गिरफ्तार किया।
  • 4 अगस्त : जैसलमेर में DRDO के गेस्ट हाउस मैनेजर महेंद्र प्रसाद को पाकिस्तानी हैंडलर को भारतीय सेना की खुफिया जानकारियां भेजने पर पकड़ा।

बॉर्डर के कौनसे एरिया पर पाकिस्तान की गंदी नजर

राजस्थान की सीमावर्ती क्षेत्र जासूसों की रडार पर रहते हैं, क्योंकि पाकिस्तान की सबसे लंबी 1070 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। तीन बड़े एयरबेस हैं और कई सैन्य ठिकाने।

पाक खुफिया एजेंसी का टारगेट होता है कि सीमावर्ती क्षेत्र की हर छोटी से छोटी इन्फॉर्मेशन किसी भी तरीके से हासिल हो। श्रीगंगानगर के हिंदुमलकोट से लेकर बाड़मेर के बाखासर तक भारतीय खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट पर रहती हैं। जासूस इन क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों से शेयर करते पकड़े गए हैं। ​​​​

पाकिस्तान जासूसों से क्या डिमांड करता है?

एक्सपर्ट के अनुसार युद्ध के समय हर छोटी से छोटी जानकारी दुश्मन देश के लिए महत्वपूर्ण होती है। जासूस सीमावर्ती क्षेत्रों में हर तरह की जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों को शेयर करते हैं।

1. सेना का मूवमेंट : सबसे महत्वपूर्ण जानकारी सेना की मूवमेंट से लेकर उनके ठिकानों की साझा करते हैं। साथ ही सैन्य स्ट्रक्चर, तैनाती, फेंसिंग, बीओपी आदि की लोकेशन, फोटो और डिटेल साझा करते हैं।

ऐसी डिटेल शेयर करने वाले कई जासूसों को बीएसएफ की जानकारी, मुखबिर की जानकारी पर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा है।

2. ब्रिज, सैन्य ठिकाने और सैन्य सड़कों का नेटवर्क : अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगते क्षेत्रों में बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन हो या सैन्य संबंधी कोई कंस्ट्रक्शन, साथ ही अंडर ब्रिज, ऑवर ब्रिज, सड़क आदि के निर्माण की डिटेल भी जासूस पाकिस्तान में शेयर करते हैं।

3. स्कूल, हॉस्टल, बिल्डिंग्स : जासूसों से आर्मी एरिया में स्थापित स्कूल, हॉस्टल और अन्य एडमिन बिल्डिंग की फोटो व लोकेशन की डिमांड की जाती है। सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल टावर की लोकेशन उसकी फोटो आदि भी यह जासूस पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों को साझा करते हैं।

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