बहनों से राखी बंधवाकर ड्यूटी पर लौट रहे आर्मी के पैरा कमांडो का सड़क हादसे में निधन हो गया। घर से निकलते ही 20 किलोमीटर दूर अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया।
6 PARA (स्पेशल फोर्स) के कमांडेंट पन्ना सिंह (25) निवासी ओझियाना (ब्यावर) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसा रविवार रात करीब 11 बजे ब्यावर के पास साकेत नगर थाना क्षेत्र के गोहाना गांव के पास हुआ।
सोमवार शाम उनके गांव ओझियाना में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गया। डेढ़ साल के बेटे मयंक ने उन्हें मुखाग्नि दी।
इससे पहले ब्यावर हॉस्पिटल से ओझियाना गांव तक 28 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में युवाओं समेत ग्रामीण बाइक पर जयकारे लगाते हुए चले।
घर पहुंचने पर परिवार और लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इस दौरान मां, पत्नी और भाई बिलख-बिलख कर रोने लगे। पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। नसीराबाद से पहुंची सेना की टुकड़ी ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। वहीं उनके पिता प्रभु सिंह को तिरंगा सौंपा।

सोमवार शाम पन्ना सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। डेढ़ साल के बेटे ने मुखाग्नि दी।
ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले थे थानाधिकारी जितेंद्र फौजदार ने बताया- पन्ना सिंह रविवार शाम को बदनोर तहसील के ओझियाना गांव में घर से ब्यावर के लिए रवाना हुए थे। वहां से उन्हें बाइक खड़ी कर अजमेर जाना था। अजमेर से ट्रेन पकड़कर जम्मू ड्यूटी के लिए निकलना था।
लेकिन इससे पहले ही गोहाना के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेब में मिले दस्तावेज से उनकी पहचान की। पार्थिव देह को गवर्नमेंट अमृतकौर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया।

रक्षाबंधन के दिन ड्यूटी होने के कारण पहले ही राखी बंधवाने के लिए जवान पन्ना सिंह घर आए थे। इस दौरान बहन लीला और छोटे भाई के साथ।
राखी से पहले बहनों से बंधवाया था रक्षा सूत्र चाचा प्रभु सिंह ने बताया- रविवार रात शाम करीब 7:30 बजे पन्ना सिंह बाइक लेकर ब्यावर के लिए निकले थे। वहां से अजमेर पहुंचने के बाद रात 11 बजे जम्मू-तवी ट्रेन से ड्यूटी पर लौटना था।
लेकिन घर से 20 किलोमीटर दूर ब्यावर पहुंचने से पहले साकेत नगर थाना क्षेत्र के गोहाना गांव के पास हादसा हो गया। रात करीब 11 बजे पुलिस ने हादसे के बारे में फोन पर जानकारी दी थी।
2019 से जम्मू-कश्मीर में तैनात थे चाचा प्रभु सिंह ने बताया- पन्ना सिंह 2018 में सेना में भर्ती हुए थे। 2019 से जम्मू-कश्मीर में D टीम 6 PARA (स्पेशल फोर्स) में तैनात थे। रक्षाबंधन पर ड्यूटी होने के कारण उन्होंने छुट्टियों में ही तीनों बहनों को बुलाकर राखी बंधवाई थी।
पन्ना सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। छोटा भाई पिंटू भी सेना की तैयारी कर रहा है। सबसे छोटा भाई सुनील 9वीं क्लास में पढ़ाई कर रहा है। तीन बहनों में दो की शादी हो चुकी है।
पन्ना सिंह की करीब 5 साल पहले बदनोर (ब्यावर) की रहने वाली पूजा से शादी हुई थी। उनके चार साल की बेटी सपना और डेढ़ साल का बेटा मयंक है।
PHOTOS में देखें जवान की अंतिम विदाई…

ब्यावर के अमृतकौर हॉस्पिटल से पैतृक गांव ओझियाना तक पन्ना सिंह की तिरंगा यात्रा निकाली गई।

ओझियाना गांव में घर पर पन्ना सिंह की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के दौरान उनकी मां रोने लगी।

अंतिम दर्शन के दौरान जवान की पत्नी पूजा और रोते हुए छोटे भाई को लोगों ने संभाला।

नसीराबाद से पहुंची सेना की टुकड़ी ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।

जवान की मौत के बाद तीनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अंतिम संस्कार के दौरान जवान के पिता प्रभु सिंह को तिरंगा सौंपा गया।

जवान पन्ना सिंह पत्नी पूजा, बेटे मयंक और भाई पिंटू के साथ।
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