चूरू के सुजानगढ़ के रहने वाले विजयपाल शनिवार सुबह जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा- सोनम वांगचुक देशभक्त हैं।
लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। आज (शनिवार) सुबह सवा दस बजे उनके समर्थन में एक युवक तिरंगा लिए जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गया। भारत माता की जय के नारे लगाने लगा।
युवक ने अपना नाम विजयपाल बताया। वह चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। उसे पुलिस ने डिटेन किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर नारेबाजी करता विजयपाल। शनिवार सुबह वह चूरू से जोधपुर पहुंच गया था।
लेह-लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त हैं विजयपाल ने पुलिस से कहा- सोनम वांगचुक देशभक्त हैं। लेह-लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त हैं। इन लोगों ने ही कारगिल की घुसपैठ के बारे में भारतीय सेना को सूचना दी थी। जब मुझे पता चला कि वांगचुक को जोधपुर लाया गया है। मैं सुबह उठकर साइकिल से सुजानगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन में बैठकर जोधपुर आ गया।
पुलिस अपनी गाड़ी में ले गई युवक के जेल के बाहर पहुंचने की सूचना पर रातानाडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। विजयपाल ने कहा कि मुझे डिटेन किया गया तो वह भूख हड़ताल करूंगा। विजयपाल ने कहा कि वह पैदल ही उनके साथ चलने को तैयार है। इसके बाद पुलिस उसे गाड़ी में बैठाकर ले गई।
रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि विजयपाल को डिटेन किया गया है। वह खुद को साधारण आदमी बता रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
गहलोत बोले- वांगचुक कौनसे टेररिस्ट हैं, जिन्हें लद्दाख से जोधपुर भेजना पड़ा अशोक गहलोत ने कहा- ये एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक बहुत लंबे अरसे से अपनी बात और वहां की मांगों को उठा रहे हैं। ये मोदी जी के बहुत बड़े समर्थक भी रहे हैं, अब अचानक क्या हुआ कि इनके खिलाफ मुकदमे दायर किए।
गहलोत ने कहा- वो पहले कह रहे थे मेरे खिलाफ मुकदमे दायर करेंगे, जेल में डालेंगे और वास्तव में जेल में डाल ही दिया। इतने बड़े कौन से ये टेररिस्ट हैं कि इनको जोधपुर जेल भेजना पड़ा। ये भी एक निर्णय पता नहीं क्यों किया गया है? कहां तो लद्दाख और लद्दाख से सीधा जोधपुर, जोधपुर तक क्या नौबत आ गई भई? ऐसे कौन से आतंकवादी हैं ये? ये सरकार सब मामलों को मिस हैंडल कर रही है।
26 सितंबर की रात सोनम वांगचुक को जोधपुर लाया गया था शुक्रवार (26 सितंबर) को सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल लाया गया था। रात करीब 8:30 बजे एक के बाद एक पुलिस और सेना की गाड़ियां लाल फाटक से जेल परिसर में दाखिल हुई थीं। यहां सेंट्रल जेल के मुख्य गेट पर लाने के बाद जेल प्रशासन से पहले औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। इसके बाद वांगचुक को जेल में एक अलग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।

24 सितंबर को हिंसक हो गया था आंदोलन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और 6वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में 10 सितंबर से भूख हड़ताल और अनशन चल रहा था। 24 सितंबर को ये आंदोलन पहली बार हिंसक हो गया।
इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 45 लोग घायल हुए। प्रदर्शन का चेहरा रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा था- अगर सरकार हमारी बातें अनसुनी करती रहेगी तो बदकिस्मती से ऐसा आगे भी हो सकता है।

वांगचुक के NGO के अकाउंट्स की जांच हो रही CBI ने वांगचुक की NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के खिलाफ विदेशी फंडिंग मामले में जांच शुरू कर दी है। सरकार ने उनके NGO की विदेशी फंडिंग का लाइसेंस रद्द कर दिया है। उनके NGO HIAL और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) पर विदेशी चंदा कानून (FCRA) के उल्लंघन का आरोप है।
CBI की टीमें लद्दाख में डेरा डाली हुई हैं।
मामले में वांगचुक ने कहा कि करीब 10 दिन पहले CBI की टीम गृह मंत्रालय का आदेश लेकर उनके पास आई थी। इसमें कहा गया था कि उनकी दोनों संस्थाओं ने विदेशी चंदा लेने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली। इस पर सोनम का कहना है कि उनकी संस्थाएं विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं। दोनों संस्थाएं जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती हैं। HIAL में तो छात्रों को प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए स्टाइपेंड भी दिया जाता है।

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लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शुक्रवार को अरेस्ट कर लिया गया। उन्हें लद्दाख से कड़ी सुरक्षा में जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। (पूरी खबर पढ़ें)
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