महापंचायत के दौरान मंचासीन अतिथि।
ERCP- PKC योजना के तहत सवाई माधोपुर व करौली जिले की सीमा पर प्रस्तावित डूंगरी बांध का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार शाम सवाई माधोपुर जिले के चकेरी गांव में ग्रामीणों ने एक महापंचायत का आयोजन किया। जिसमें सवाई माधोपुर व करौली के प्रस्ता
किसान बोले, बांध बना तो सड़क पर आ जा आएंगे
महापंचायत के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि डूंगरी बांध बनने पर सवाई माधोपुर और करौली जिले के 76 गांवों के ग्रामीणों की जमीन जंगल और गांव डूब जाएंगे। जिससे ग्रामीण अपने अस्तित्व से ही वंचित हो जाएंगे। ग्रामीणों के अनुसार डूंगरी बांध बनने पर फिलहाल 76 गांवो को विस्तापित किया जाएंगा। जबकि अगर डूंगरी बांध बनता है तो इसका असर 300 गांव पर पड़ेगा और इन गांवों के ग्रामीण सड़क पर आ जाएंगे।

महापंचायत के दौरान मौजूद ग्रामीण।
यह बोले राजेंद्र गुढ़ा
ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार सहित सरकार में बैठे जनप्रतिनिधित ग्रामीणों को विकास के नाम पर गुमराह कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार डूंगरी बांध के नाम पर स्थानीय ग्रामीणों को बेघर कर विकास के नाम पर बांध का पानी स्थानीय जरूरतों के बजाय औद्योगिक परियोजनाओं को देने की योजना बना रही है । यह सड़कार का विकास नहीं बल्कि क्षेत्र के ग्रामीणों की जमीन और पहचान पर बहुत बड़ा हमला है।ग्रामीणों का कहना है कि डूंगरी बांध परियोजना को रद्द किया जाए और स्थानीय संसाधनों का उपयोग सबसे पहले स्थानीय जरूरतों के लिए किया जाए। ग्रामीणों ने महापंचायत के दौरान कहा कि अगर सरकार ग्रामीणों के विरोध के बाद भी प्रस्तावित डूंगरी बांध को रद्द नहीं करती है तो क्षेत्र के ग्रामीण सरकार के साथ आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। इसके लिए भले ही ग्रामीणों को अपनी जान ही क्यों ना गवानी पड़े। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि डूंगरी बांध बनाने के नाम पर एक ईंट की नही रखने की जाएगी। चाहें इसके लिए ग्रामीणों को किसी भी हद तक क्यों नहीं जाना पड़े और कितनी ही बड़ी कुर्बानी देनी पड़े। इस दौरान पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने कहा कि योजनाएं जनता के लिए बनती है, लेकिन इस सरकार में अनुभव की कमी है। जिसके चलते इस तरह के काम कर रही है। जिससे जनता को नुकसान हो रहा है। गुढ़ा ने कहा कि डूंगरी बांध किसी भी सुरत में नही बनना चाहिए। आप लोगो की एकजुटता के आगे उन्हें झुकना पड़ेगा। क्योंकी जनता सरकार बनाती है और जनता ही सरकार को गिरती है। गुढ़ा ने कहा कि आप के पास डॉक्टर किरोडी लाल मीणा जैसे अनुभवी नेता है जो अच्छे बुरे को भलीभांति समझते है। आज नहीं तो कल वह भी आप के साथ खड़े होने को मजबूर होंगे। बस आप सबको इसी तरह एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़नी है तो सरकार को झुकना ही पड़ेगा और डूंगरी बांध को रद्द करना ही पड़ेगा। महापंचायत के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।
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