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डूंगरपुर से 105 पदयात्रियों का जत्था गुजरात के अंबाजी धाम के लिए रवाना हुआ। 

गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी धाम के लिए पदयात्रियों का कारवां बढ़ता जा रहा है। शहर से राजभोई समाज के 105 पदयात्रियों का जत्था शुक्रवार को बोल मारी अम्बे जय जय अंबे… के जयकारों के साथ रवाना हुआ।

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108 फीट लंबी धर्म ध्वजा लेकर ये पदयात्री 200 किमी दूर अंबाजी धाम पहुंचेंगे। नासिक के ढोल की गूंज के साथ ही पदयात्री नाचते गाते रवाना हुए। वहीं, डूंगरपुर शहर से कई पदयात्रियों के जत्थे दिन रात गुजर रहे हैं।

गुजरात के अंबाजी धाम पर भाद्रपद पूर्णिमा के दिन मुख्य मेला भरेगा। अंबाजी धाम दर्शनों के लिए कई भक्त पदयात्रा करते हुए पहुंच रहे है। डूंगरपुर शहर से लेकर गांवों तक अंबाजी पदयात्रियों के जत्थों की रवानगी हो रही है। शहर के भोईवाड़ा से शुक्रवार को राजभोई समाज के 105 पदयात्रियों का जत्था पूजा अर्चना कर रवाना हुआ।

पदयात्रियों के साथ 108 फीट लंबी अंबाजी की धर्म ध्वजा लेकर चल रहे है। वहीं, अंबाजी मंदिर की एक झांकी का रथ भी पदयात्रियों के साथ है। नासिक के ढोल और घंटों की धुन के साथ युवा खूब नाचे। बोल मारी अम्बे जय जय अंबे के जयकारों के साथ ही अंबाजी पदयात्री रवाना हुए।

ये जत्था 4 से 5 दिन की पदयात्रा करते हुए 200 किमी दूर अंबाजी धाम पहुंचेगा। जहां धर्मध्वजा मंदिर आप चढ़ाई जाएगी। गांवों से निकलने वाले पदयात्रियों के जत्थे भी शहर से होकर गुजर रहे है।

जय अम्बे पदयात्रा संघ सिलोही का जत्था आज माता रानी के जयकारों के बीच अम्बाजी पदयात्रा के लिए रवाना हुआ। सिलोही से अम्बाजी की दूरी लगभग 250 किलोमीटर है। 2001 में प्रकाश शिवराम पाटीदार ने 10 यात्रियों के साथ इस पदयात्रा की शुरुआत की गई थी, जो अब बढ़कर 100 से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंच चुकी है।

संघ के अध्यक्ष दिनेश पाटीदार, संचालक राहुल सेवक, नरेश पाटीदार, हितेश पाटीदार ने बताया कि अंबाजी धाम पहुंचकर सुख समृद्धि की कामना की जाएगी।



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