जैसलमेर रेलवे स्टेशन के बाहर मजदूरी करने आए मजदूरों की झोपड़ियों में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक झोपड़ी में करीब 4 फीट लंबा काला कोबरा सांप घुस आया। मजदूर जैसे ही झोपड़ी से बाहर निकला, उसने देखा कि पास की झोपड़ी में बड़ा सांप अंदर जा रहा
सूचना मिलने पर स्थानीय स्नेक कैचर साहिल मौके पर पहुंचे। निरीक्षण में पाया गया कि कोबरा एक बड़े पत्थर के नीचे बने बिल में छिपा था। साहिल ने अपने अनुभव और उपकरणों की मदद से उसे बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित बाहर निकाला। यह देखकर मजदूरों ने राहत की सांस ली। साहिल ने सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।

स्नैक कैचर साहिल खान ने किया रेस्क्यू।
स्नेक कैचर ने लोगों को किया जागरूक
- सांप पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं, जो चूहों और अन्य हानिकारक जीवों की संख्या को नियंत्रित करते हैं।
- अगर सांप न हों, तो खेतों और बस्तियों में चूहे बढ़ जाएंगे, जिससे फसलों को भारी नुकसान होगा।
- कोबरा जैसे विषैले सांप आमतौर पर किसी पर हमला नहीं करते, जब तक उन्हें खतरा महसूस न हो।
- लोगों को चाहिए कि घबराएं नहीं, दूरी बनाए रखें और तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक कैचर को सूचना दें।
सांपों की पर्यावरण में भूमिका
- खेतों में कीट और चूहों से फसल की रक्षा करते हैं।
- जैव विविधता (Biodiversity) बनाए रखने में मदद करते हैं।
- खाद्य श्रृंखला का संतुलन बनाए रखते हैं।
- ग्रामीण और वन क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन के लिए जरूरी हैं।

सांप से डरकर एक तरफ जमा हुई भीड़।
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