प्रयागराज के एक गेस्ट हाउस में 25 युवकों को बंधक बनाया गया। कमरे में बंद करके सभी से मारपीट की गई। झूठा मुकदमा दर्ज कराने और जान से मारने की धमकी दी। फिर सभी से 26-26 हजार रुपए वसूल लिए।
सभी युवक राजस्थान के रहने वाले हैं। सरकारी नौकरी का झांसा देकर इन लोगों को प्रयागराज बुलाया गया। बताया गया कि यहां इंटरव्यू होगा। डेटा फीडिंग विभाग में संविदा पर नौकरी मिल जाएगी। इसके बाद परमानेंट कर दिया जाएगा। लेकिन, यहां सभी को बंधक बना लिया गया।
बंधक बने युवक गोपीचंद्र ने किसी तरह 112 पर कॉल कर सूचना दी। इसके बाद किसी तरह नंबर लेकर नैनी थाने में कॉल की। शिकायत पर पुलिस ने एडीए कॉलोनी के आशीर्वाद गेस्ट हाउस में छापा मारा। यहां से 15 युवकों को गिरफ्तार किया। साथ ही बंधक बने युवकों को वहां से बाहर निकाला।

गोपीचंद्र ने बताया कि उन युवकों ने पैसा नहीं देने पर हत्या करने की धमकी दी। जब मैंने कहा- मेरे पास कैश नहीं है, तो उन लोगों ने मुझे पीटा।
नौकरी के नाम पर बुलाकर बंधक बनाया गोपीचंद्र राजस्थान के झूंझुनू के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया- चुरू के रहने वाले रविंद्र ने मुझे फोन किया। रविंद्र को मैं पहले से जानता हूं। उसने कहा कि मैं सरकारी नौकरी कर रहा हूं। तुम्हें भी करनी है, तो प्रयागराज आ जाओ।
मैं 23 सितंबर को प्रयागराज पहुंचा। यहां रेलवे स्टेशन पर मुझे रविंद्र के साथ एक और युवक अनीस मिला। दोनों मुझे बाइक से एक गेस्ट हाउस ले गए। वहां दोनों के और साथी अमित कुमार, सुमित कुमार, सोनू विश्वकर्मा, राजूराम, राजकुमार रोयल, सोनू यादव, विश्वजीत, शिव राज सिंह, सुमित, बलराम मीणा, मोहित मिले।
इन लोगों ने थोड़ी देर मुझसे बात की। उनकी बातों से ही मुझे शक होने लगा कि यहां कुछ ठीक नहीं है। उन लोगों ने मेरा सामान ले लिया। इसके बाद मुझे एक कमरे में बंद कर दिया। मुझसे कहा कि नौकरी चाहिए, तो 26 हजार रुपए देने होंगे। अगर तुमने पैसे नहीं दिए, तो तुम्हें नौकरी नहीं मिलेगी। तुम्हें मरवाकर फिंकवा देंगे। यह भी कहा कि यहां अन्य कमरों में भी लड़के बंद हैं।
जान से मारने की धमकी देकर रुपए वसूले गोपीचंद्र ने बताया- मुझसे कहा गया कि पैसे दो, वरना तुम्हारी हत्या कर देंगे। जब मैंने कहा कि मेरे पास कैश नहीं है, तो उन लोगों ने मुझे पीटा। फिर मैंने अपने एक जानने वाले से गूगल-पे पर रुपए मंगवाए। इसके बाद ये लोग मुझे एक केबिन में ले गए, जहां दूसरे लड़के भी थे।
उनके नाम हितेश सिंह, ईश्वर सिंह, कार्तिक, विकास, हेमसिंह, अजूबा, ललित तिवारी, अभिषेक सचिन कुमार, आशिष यादव, राहुल चौधरी, प्रेमाराम हैं। उन युवकों ने हम सभी से एक फॉर्म भरवाया और फॉर्म के भी 1100-1100 रुपए ले लिए।

इनका नाम कार्तिक है। कार्तिक ने बताया कि उसे गेस्ट हाउस से बाहर निकलने नहीं दिया। 26 हजार हजार रुपए ले लिए और नौकरी भी नहीं मिली।
ये लोग 800 युवाओं को ठग चुके गोपीचंद्र ने बताया- ये लोग बारी-बारी से सभी को केबिन में लेकर गए और 26 हजार रुपए ले लिए। उन लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया। साथ ही कहा कि अगर कहीं किसी से शिकायत की तो जान से मारे जाओगे। हम लोगों के बॉस विजय चौहान और प्रियांशु राव हैं। उनकी कंपनी चलती है। पुलिस जांच में पता चला है कि उन युवकों ने करीब 800 युवाओं से 10 लाख से ज्यादा की ठगी की है।
अब विस्तार से जानिए पूरा मामला..
झुंझनू के रहने वाले दो भाइयों ने बनाया गिरोह ठगी का पूरा ताना-बाना राजस्थान के झूंझुनू के रहने वाले दो सगे भाइयों अमित कुमार और सुमित ने बुना। इस साजिश में नोएडा के रहने वाले विजय चौहान को भी शामिल किया गया। अमित 3 महीने पहले प्रयागराज आया था।
उसने नैनी इलाके में आशीर्वाद गेस्ट हाउस किराए पर ले लिया। इसके बाद राजस्थान के कई जिलों में रहने वाले लोगों को अपने इस खेल में शामिल किया। धीरे-धीरे 20 लोगों का गैंग तैयार हो गया। इसके बाद अमित और सुमित ने अपने गैंग के युवकों को राजस्थान में ग्राहक फंसाने के काम में लगाया।

प्रेमाराम ने बताया- जितने रुपए बनते गए मैंने दिए। लेकिन जैसे मुझे ठगी का एहसास हुआ, मैंने पुलिस से शिकायत कर दी।
फर्जी वेबसाइट बनाई इन युवकों ने बेरोजगारों से संपर्क कर बताया कि यूपी के प्रयागराज में डेटा फीडिंग में संविदा पर नौकरी मिल सकती है। इसके लिए सेटिंग हुई है। पहले संविदा पर रखा जाएगा, फिर परमानेंट कर दिया जाएगा। अमित ने फर्जी वेब पेज बनाकर शो किया कि नौकरी के लिए जिन युवाओं को रखा जाना है, वह उसकी एजेंसी के जरिए ही होगा।
इसके बाद उसके गैंग के मेंबर युवाओं को फंसाने लगे। सबको बताया जाने लगा कि एजेंसी का हेड ऑफिस प्रयागराज में है। फॉर्म भरने के नाम पर 1100-1100 लिए गए। ऐसे करीब 800 लोगों को फंसाया गया।

पुलिस ने गेस्ट हाउस में छापा मारकर 15 युवकों को अरेस्ट कर लिया।
3 महीने से युवकों को बुलाया जा रहा था इसके बाद और ठगी और रुपए की वसूली के लिए बताया गया कि इंटरव्यू के लिए प्रयागराज जाना होगा। 3 महीने से बारी-बारी युवक यहां आकर इंटरव्यू देते रहे। इस बार 30 युवकों को बुलाया गया था। गेस्ट हाउस में रजिस्टर पर सभी का नाम-पता दर्ज कर दस्तावेज जमा कराए गए।
इंटरव्यू के साथ ही 26 हजार रुपए जमा कराए जाने लगे। कई युवक रुपए लेकर आए थे, जो जालसाजों ने ले लिए। कई युवकों ने रुपए नहीं लेकर आए थे, तो उनसे घर से रुपए मंगवाने का दबाव डाला गया। कई युवकों ने रुपए देने से इनकार किया, तो उन्हें धमकी दी गई। इसी बीच बुधवार को एक युवक ने पुलिस से संपर्क कर पूरा मामला खोल दिया।
पुलिस ने कुल 15 युवकों को इस मामले में गिरफ्तार किया है। इनमें अमित कुमार (25), सुमित कुमार (21), राजू राम (23), राजकुमार रायल (21), सोनू यादव (25), विश्वजीत (21), शिवराज सिंह (19), सुमित (23), बलराम मीना (20), मोहित (21), अनीश (21), रवीन्द्र कुमार (21), साहिल (19), मनोज (20) राजस्थान के रहने वाले हैं। वहीं, एक आरोपी सोनू विश्व कर्मा (30) झारखंड का रहने वाला है।
इन युवकों से 16 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक कार, 13 आईकार्ड, बैंक एटीएम, दस्तावेज, नौकरी के फर्जी फॉर्म और रजिस्टर बरामद हुआ है।
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