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बूंदी से गए सात भारतीय नागरिक नेपाल के पोखरा में फंसे।

नेपाल में चल रहे हिंसक आंदोलन के बीच बूंदी से गए सात भारतीय नागरिक पोखरा में फंस गए हैं। देवपुरा निवासी हेमराज सोनी और उनकी पत्नी सूरज सोनी अपने पांच रिश्तेदारों के साथ धार्मिक यात्रा पर नेपाल गए। नेपाल में सत्ता विरोधी आंदोलन शुरू होने के बाद ये सभी

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बूंदी में हेमराज सोनी के बेटे लोकेश सोनी ने राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा से मदद मांगी। शर्मा ने विदेश मंत्रालय और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया।

उन्होंने फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सकुशल वापस लाने की मांग की। इसके बाद भारतीय दूतावास ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार रात दूतावास ने फंसे हुए सभी लोगों से फोन पर संपर्क किया। इससे उनकी जल्द वापसी की उम्मीद बढ़ गई है।

धार्मिक यात्रा पर गये थे नेपाल

बूंदी में लोकेश सोनी ने बताया कि उनके पिता हेमराज सोनी व मां सूरज सोनी सहित 7 सदस्य कुछ दिनों पूर्व धार्मिक यात्रा के लिए नेपाल गये थे जो नेपाल में हिंसक आंदोलन के बाद वहीं पर फंस गए। जिससे पूरा परिवार बहुत चिंतित हो रहा था बाद में पारिवारिक मित्र ओमप्रकाश मीणा के के माध्यम से उन्होंने विदेश में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए कार्य करने वाले राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा से मदद मांगी और उनकी सहायता से नेपाल में फंसे उनके माता-पिता का भारतीय दूतावास से संपर्क हो गया है।

भारतीय दूतावास में दिलाया हर संभव मदद का भरोसा

भारतीय दूतावास ने नेपाल के पोखरा में फंसे हुये बूंदी निवासी परिवार व उनके रिश्तेदारों से संपर्क कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। गुरुवार से कुछ रूट पर बस शुरू हुई है और शुक्रवार से त्रिभुवन एयरपोर्ट से फ्लाइट भी शुरू हो जाएगी लेकिन फिर भी हिंसक आंदोलन कार्यों द्वारा भारतीय श्रद्धा लोगों की बसों पर रास्ते में पथराव की घटनाओं भारतीय नागरिकों में चिंता बनी हुई है।



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