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अजमेर के आरके पुरम बीके कौल नगर इलाके में शुक्रवार रात गरबा स्थल पर डांडिया खेल रहा सात वर्षीय मासूम बिजली के नंगे तार की चपेट में आ गया। मौके पर अचेत बालक को तुरंत प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर जेएलएन अ

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हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की। पुलिस के अनुसार बालक की करंट लगने से मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस गरबा आयोजन के लिए परमिशन की जांच करेगी। हर साल की तरह छोटे रूप में यह आयोजन चल रहा था।

दादी और पापा से यह कहते हुए घर से निकला कि मैं डांडिया खेलने जा रहा हूं...।

दादी और पापा से यह कहते हुए घर से निकला कि मैं डांडिया खेलने जा रहा हूं…।

डांडिया हाथ में लिए हंसते-खेलते घर से निकला धैविक

आरके पुरम निवासी कपिल धनवानी अपने इकलौते पुत्र धैविक की मौत की खबर सुनने के बाद बदहवास है। वह बार-बार यही कह रहा है कि उसके बच्चे की मौत की जिम्मेदारी गरबा स्थल पर बिजली व्यवस्था करने वाले इलेक्ट्रिशियन की लापरवाही से हुई है। कपिल की आरके पुरम में ही जनरल स्टोर है। कपिल ने रोते-बिलखते हुए बताया कि शाम से ही धैविक डांडिए लिए हुए गरबे में जाने के लिए तैयार था। रात करीब साढ़े आठ बजे वह दादी और पापा से यह कहते हुए घर से निकला कि मैं डांडिया खेलने जा रहा हूं…।

कुछ देर बाद खबर आई कि धैविक करंट की चपेट में आ गया है। कपिल और उसके परिजन गरबा स्थल पहुंचे, लोगों की मदद से कपिल को पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने धैविक को बचाने के लिए सीपीआर दिया और अन्य कोशिश की, लेकिन उसकी सांसें नहीं लौटी। धैविक के शव को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।

हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की। पुलिस के अनुसार बालक की करंट लगने से मौत हुई है।

हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की। पुलिस के अनुसार बालक की करंट लगने से मौत हुई है।

इकलौता था धैविक, मां 8 माह की गर्भवती

आरके पुरम इलाके के लोगों ने बताया कि मोहल्ले के युवक-युवतियों ओर से हर साल गरबा का आयोजन किया जाता है। इस बार भी सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम किया जा रहा था। धैविक सहित इलाके के बच्चे डांडिया खेलने के लिए शाम से ही गरबा स्थल पर जुट जाते थे। शुक्रवार को भी धैविक डांडिया लेकर घर से पचास मीटर की दूरी पर गरबा स्थल पहुंचा, जहां मंच के निकट और जमीन पर बिजली के नंगे तार पड़े थे, जिसकी चपेट में आने से धैविक अकाल मृत्यु का ग्रास बन गया। धैविक की मां आठ माह की गर्भवती है। बेटे की मौत के बाद कपिल और उसकी पत्नी रो-रो कर बेहाल हैं। वह बार-बार उस इलेक्ट्रिशियन को कोस रहे हैं, जिसकी लापरवाही से बच्चे की जान चली गई।



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