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जिले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देशी शराब की 59 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कदम उन दुकानों के खिलाफ उठाया गया है, जिनके अनुज्ञाधारियों ने 30 सितंबर तक निर्धारित 50 प्रतिशत वार्षिक लाइसेंस फीस जमा नहीं की थी। निलंबन के बा
जिला आबकारी अधिकारी ने जारी किए आदेश
जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन उस्मानी ने निलंबन आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभाग की प्राथमिकता राजस्व वसूली और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इसलिए जो अनुज्ञाधारी समय पर फीस जमा नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
नवलगढ़ में सबसे ज्यादा 26 दुकानें बंद
जारी सूची के अनुसार, नवलगढ़ वृत में सबसे ज्यादा 26 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। चिड़ावा वृत में 17 और झुंझुनूं वृत में 16 दुकानों पर गाज गिरी है। यह आंकड़ा जिले में अब तक की सबसे बड़ी निलंबन कार्रवाई मानी जा रही है।
निलंबन अवधि में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि में संबंधित दुकानों पर शराब बिक्री नहीं की जा सकेगी। यदि कोई लाइसेंसधारी इस दौरान अवैध रूप से शराब बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ जुर्माना, जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
8 अक्टूबर तक दी अंतिम मोहलत
आबकारी विभाग ने अनुज्ञाधारियों को अंतिम अवसर देते हुए 3 से 7 अक्टूबर तक बकाया फीस जमा करने की समयसीमा तय की है। यदि 8 अक्टूबर तक भी शेष फीस जमा नहीं हुई, तो विभाग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही संबंधित दुकानदार भविष्य में शराब व्यवसाय से भी वंचित हो सकते हैं।
अवैध बिक्री पर पैनी नजर
विभाग ने प्रहराधिकारी और निरोधक दल को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी नियमित रूप से निलंबित दुकानों की निगरानी करेंगे, ताकि कहीं भी अवैध शराब बिक्री न हो। अगर शिकायत या सबूत मिले, तो मौके पर जब्ती और गिरफ्तारी की जाएगी।
राजस्व वसूली और नियम पालन पर जोर
आबकारी अधिकारी उस्मानी ने बताया कि विभाग का मकसद न केवल राजस्व वसूली को सुनिश्चित करना है बल्कि अनुज्ञाधारियों में अनुशासन बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि समय पर फीस जमा करना अनुज्ञाधारियों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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