बारां में ऐतिहासिक डोल यात्रा बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकली।
बारां की हाड़ौती की धरा पर परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम बुधवार को देखने को मिला। बारां में ऐतिहासिक डोल यात्रा बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली। सुबह से ही शहर भक्ति और उल्लास के माहौल में डूबा हुआ है। दोपहर बाद श्री जी मंदिर में पूजा-अर्चना के
जहां देर शाम महाआरती के साथ जलवा पूजन की रस्म निभाई जाएंगी। इस शोभायात्रा में महिला अखाड़ा समेत कुल 9 अखाड़े शामिल है। अखाड़ों के पहलवानों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य करतबो का प्रदर्शन कर रहे है। शहर में हुई झमाझम बारिश में भी डोल यात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालु भिगते हुए भी जयकारों और भक्ति में लीन होकर यात्रा के साथ नाचते गाते चलते नजर आए। शहर में शोभायात्रा मार्ग में हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पारंपरिक परिधानों में उमंग और उत्साह से यात्रा में शामिल श्रद्धालु देव विमानों को अपने कंधों पर उठाकर चले।

बाइक उठाकर अखाड़े के युवाओं ने दिखाएं करतब।
शोभायात्रा को लेकर पुलिस ओर प्रशासन की ओर से भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक अदांसु भी प्रशासनिक अमले के साथ शोभायात्रा में मौजूद है। शहर और शोभायात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 750 से अधिक अधिकरी और पुलिस जवान तैनात है ।चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए 100 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरे लगाए गए है। इस शोभायात्रा को देखने के लिए हाड़ौती समेत आसपास एमपी के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

अखाड़े के युवाओं का करतब देखकर उत्साहित हुए लोग।
श्री कृष्ण का जलवा पूजन की मान्यता श्रीजी मंदिर के पुजारी वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि जलझूलनी एकादशी महापर्व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के 18 दिन बाद मनाया जाता है। इस पर्व की यह मान्यता है कि इस दिन मैया यशोदा भगवान श्री कृष्ण को लेकर नदी के तट पर जलवा पूजन की रस्म पूर्ण करने गई थी। यह जलवा पूजन की रस्म सांयकाल में सूर्य देव की साक्षी में पूर्ण किया जाता है। इसी मान्यता के तहत बारां में शहर के आराध्य श्रीजी मंदिर से भगवान को देव विमान में शोभायात्रा के साथ शहर के डोल तालाब पर ले जाया जाता है। जहां पर जलवा पूजन की रस्म सांयकाल में सूर्यदेव की साक्षी में पूर्ण किया जाता है। यह एक ऐसा महापर्व जिससे हाड़ौती क्षेत्र तक ही नहीं अपितु देश के अनेक राज्यों में इस पर्व के कारण बारां जिले की एक अलग ही पहचान और ख्याति है।

मुंह से आग का गोला निकला तो लोगों ने दांतों तले दबाई उंगली।
चौमुखा गणेश मंदिर पर होगा श्रीकल्याणराय और रघुनाथजी का मिलन श्रीजी मंदिर पुजारी आदित्य शर्मा ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान श्रीजी चौक से गणेश मंदिर के पास चौमुखा बाजार में भावविभोर कर देने वाला नजारा देखने को मिलता है। यहां भगवान श्रीकल्याणराय जी महाराज का मिलन रघुनाथजी महाराज से होता है। रघुनाथ जी के विमान और श्रीजी के विमान को एक पल के लिए मिलाया जाएगा। इस समय ऐसा लगता है कि मानो भगवान भक्तों के बीच साक्षात खड़े होकर मिल रहे हों। इस पल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग टकटकी लगाए रहते हैं।
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