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राज्य सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदों पदों से विभिन्न संवर्गों के विरुद्ध नियमितिकरण के लिए कुल 4518 नियमित पद सृजित किए जा चुके हैं। नियमानुसार 9364 संविदाकर्मियों को नियमितिकरण के लिए पात्र माना

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भाजपा विधायक धर्मपाल के सवाल के जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदों पदों से विभिन्न संवर्गों के विरुद्ध नियमितीकरण के लिए कुल 4518 नियमित पद सृजित किए जा चुके हैं। राजस्थान कंट्रक्चुअल हायरिंग सिविल पोस्ट रूल-22 के नियमानुसार पांच साल की संतोषजनक सेवा पूर्ण करने वाले संविदा कार्मिक ही नियमितीकरण की स्क्रीनिंग के लिए पात्र है।

जिला स्तरीय एवं मुख्यालय स्क्रीनिंग समिति की ओर से स्क्रीनिंग करने के बाद पांच साल की सेवा पूर्ण करने वाले 2388 और तीन साल की संतोषजनक सेवा पूर्ण करने वाले 7046 संविदा कर्मी अप्रेल, 2025 तक नियमितीकरण के लिए पात्र पाए गए हैं।

वित्त विभाग की ओर से 25 अक्टूबर, 2024 को जारी दिशा-निर्देशों की पालना में नियमितिकरण की कार्यवाही वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। पिछले तीन साल में किसी भी संविदाकर्मी को नियमित नहीं किया गया है। सवाल था कि एनएचएम में कार्यरत विभिन्न संवर्गों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थायीकरण किया जाता है तो पिछले तीन सालों में कितने कार्मिकों को स्थायी किया गया।

नए पदों का सृजन किया, अब नियमित करने की प्रक्रिया जारी

एनएचएम के विभिन्न संवर्गों में 4518 पदों का सृजन नियमितीकरण के लिए किया गया है। इनमें प्रमुख रुप से 1240 पद सेक्टर हैल्थ सुपरवाइजर, लेखा सहायक के 1200, डाटा एंट्री ऑपरेटर के 600, नर्स 394, ब्लॉक हैल्थ सुपरवाइजर के 255, ब्लॉक प्रोग्रोम ऑफिसर के 226 और आयुर्वेद ऑफिसर के 155 पद शामिल है। अब नियमित करने की प्रक्रिया जारी है।

राज्य में 3563 वन मित्र, लेकिन मानदेय नहीं

राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि वन भूमि पर वृक्षारोपण एवं वन्यजीवों के संर्वधन संरक्षण के लिए वर्ष 2024-25बजट में 2000 स्थानीय व्यक्तियों को प्रोत्साहन के आधार पर वन मित्र लगाने की घोषणा की गई थी। गत 31 जुलाई तक 3563 वन मित्रों को पंजीकृत किया जा चुका है। वन मित्रों को वर्तमान में कोई मानदेय नहीं दिया जाता है। यह स्वैच्छिक योगदान है और इसमें कोई भर्ती नहीं की गई है। विधायक इंद्रा के सवाल पर वन एवं पर्यावरण मंत्री की ओर से लिखित जवाब में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इनको फिक्स मानदेय का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। लेकिन, प्रोत्साहन कार्यों का निर्धारण किया गया है। इसमें वन मित्र को अपने जीवनसाथी के साथ भ्रमण के लिए एक वर्ष में बार रणथंभौर, सरिस्का या झालाना में निशुल्क प्रवेश देय होगा।



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