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वीआईपी इलाकों सहित 20 हजार वाहनों को रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से राहत दिलाने के लिए चार साल पहले शुरू हुआ सिविल लाइन आरओबी प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो पाया। यह प्रोजेक्ट जेडीए ने साल 2021 में शुरू किया था। पहले टेंडर लेने वाली फर्म एक साल में ही काम छो
बता दें कि जमनालाल बजाज मार्ग से रेलवे लाइन क्रॉस कर 630 मीटर लंबा फोरलेन आरओबी बनाया जा रहा है। दोनों तरफ 17 में से 11 स्पान लॉन्च हो चुके हैं, लेकिन रेलवे क्रॉसिंग पर स्पान लॉन्चिंग अब तक नहीं होने से प्रोजेक्ट लगातार डिले हो रहा है।
सिविल लाइंस फाटक पर हर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात के लिए आरओबी बनाने की प्लानिंग की थी। अप्रैल 2021 से इसका काम शुरू हुआ था, तब प्रोजेक्ट को पूरा करने की डेडलाइन अक्टूबर 2022 तय थी, लेकिन निर्धारित डेडलाइन तक कंपनी केवल 10% ही काम कर पाई और प्रोजेक्ट बीच में छोड़ दिया। जेडीए ने मई 2023 में नए टेंडर जारी कर दूसरी कंपनी से काम शुरू करवाया। नई डेडलाइन मार्च 2025 तय हुई थी।
फर्म अब वेंडर को पेमेंट करवाने पर अड़ी
इस प्रोजेक्ट के सिविल स्ट्रक्चर पर जेडीए अब तक 22 से 23 करोड़ का पेमेंट फर्म को कर चुकी है। फर्म अब सीधे वेंडर को पेमेंट करने की डिमांड कर रही है।
20 हजार वाहन रोज गुजरते हैं
सिविल लाइंस फाटक से जयपुर-दिल्ली, जयपुर-सवाई माधोपुर की रेलवे लाइन गुजरती है। इसके अलावा जयपुर जंक्शन के नजदीक इस फाटक के आगे रेलवे की स्पेयर लाइनें भी बिछी हैं, जहां ट्रेनों की पार्किंग होती है।
- 70 से ज्यादा पैसेंजर और मालगाड़ियां यहां से रोज गुजरती हैं।
- 20 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े वाहनों को दो से तीन किमी चक्कर काटकर जाना पड़ रहा।
प्रोजेक्ट डिटेल्स
- 17.10 मीटर चौड़ा और 706 मीटर लंबा बनेगा आरओबी
- दोनों तरफ 5.50 मीटर सर्विस रोड बनेगी
- कुल लागत 75 करोड़ है
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