बालोतरा के 4 स्टूडेंट बीएड का आखिरी सेमिस्टर (एग्जाम) देने के लिए उत्तराखंड के हल्द्वानी पहुंचे। लेकिन भारी बरसात और भूस्खलन की वजह से मुनिसियारी तक नहीं जा रहे थे। तब सभी ने हल्द्वानी से प्राइवेट हेलिकॉप्टर किराए पर लेकर एग्जाम देने के लिए सेंटर पहु
दरअसल, बालोतरा जिले के ओमाराम चौधरी निवासी नेवरी, मगाराम चोधरी निवासी सिणधरी, प्रकाश चौधरी निवासी बांकियावास और लकी चौधरी निवासी गिड़ा उत्तराखंड के ओपन यूनिवर्सिटी से पत्राचार से बीएड कर रहे हैं। पहला सेमेस्टर फरवरी 2024, दूसरा सेमेस्टर अगस्त 2024, तीसरा सेमेस्टर 2025, और चौथा सेमेस्टर 3 सितंबर को था। 1 सितंबर को जोधपुर से ट्रेन से उतराखंड के लिए रवाना हुए थे। 2 अगस्त को हल्द्वानी पहुंच गए। लेकिन भारी बरसात और भूस्खलन के कारण मुनिसियारी के आरएस टोलियां पीजी कॉलेज परीक्षा सेंटर जाने के लिए सारे रास्ते बंद थे। तब इन्होंने वहां हेलिकॉप्टर प्राइवेट कंपनी से संपर्क किया।

हवाई सफर कर बालोतरा लोटे सभी स्टूडेंट
स्टूडेंट्स ने हेरिटेज एविएशन के सीईओ से संपर्क किया। परीक्षा नहीं देने पर एक साल खराब होने को लेकर उनसे अनुरोध किया। इस पर कंपनी ने विशेष व्यवस्था करते हुए एक हेलिकॉप्टर और दो पायलट भेजे, जिससे स्टूडेंट ने सुरक्षित रूप से मुनस्यारी में आरएस टोलिया पीजी कॉलेज पहुंचकर परीक्षा दी। फिर वापस हल्द्वानी लौटे।
स्टूडेंट मगाराम ने बताया – ओमाराम, प्रकाश, लकी चौधरी, सभी उतराखंड से बीएड कर रहे है। हमारे अंतिम सेमेस्टर 3 सितंबर को थे। 1 सितंबर को बालोतरा से रवाना होकर उतराखंड के हल्द्वानी पहुंचने पर हमें पता चला कि आगे रास्ता ज्यादा बारिश भूस्खलन के कारण बंद है तो हम सड़क मार्ग से एग्जाम सेंटर मुनिसियारी तक नहीं पहुंच सकते है। अंतिम एग्जाम होने के कारण प्राइवेट कंपनी से संपर्क किया। हेलिकॉप्टर से एग्जाम सेंटर तक 300 किलोमीटर का सफर मात्र 40 मिनट में पहुंचकर लौटे। एग्जाम देकर सकुशल लौट आए।
10 हजार 4 सौ रुपए एक छात्र का किराया
प्रत्येक स्टुडेंट्स ने इस यात्रा के लिए लगभग 5 हजार 200 पर पैसेंजर एक तरफ का किया। आने-जानें का 10 हजार 400 दोनों तरफ की यात्रा के लिए खर्च हुए। हल्द्वानी से मुनीस्यारी तक लगभग 280 किलोमीटर का सड़क मार्ग सफर, जिसमे सामान्यतः लगभग 10 घंटे लगते थे। वह हेलिकॉप्टर में लगभग 30-40 मिनट में पूरा हो गया।
एग्जाम छूटने पर एक साल हो जाता बर्बाद
सभी स्टूडेंट थर्ड ग्रेड टीचर है। साथ ही ओपन यूनिवर्सिटी से बीएड कर रहे है। स्टूडेंट ओमाराम ने बताया- वहां के हालात से तो एक बार सभी मायूस हो गए। कि एक साल सबका बर्बाद हो जाएगा। लेकिन हेलिकॉप्टर सेवा मिलने से आखिरी सेमेस्टर दे पाए।
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