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पंचायत ने साइबर ठगी और नशाखोरी रोकने के लिए लिया सख्त निर्णय।
डीग जिले के गोपालगढ़ थाना इलाके में मेव समाज ने नशाखोरी और साइबर ठगी को रोकने के लिए एक पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि जो भी गांव का व्यक्ति साइबर ठगी में लिप्त पाया गया तो, उस पर 31 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ज
साइबर ठगी और नशाखोरी रोकने के लिए पंचायत
इसाक सरपंच ने बताया कि यह पंचायत जारला गांव में हुई। पंचायत में गांव के सभी लोग मौजूद रहे। पंचायत साइबर ठगी रोकने और नशाखोरी को रोकने के लिए की गई। समाज के युवा साइबर ठगी और नशाखोरी की तरफ जा रहे हैं। लगातार पुलिस प्रशासन साइबर ठगी को रोकने के लिए अभियान चला रहा है। उसके बाद भी साइबर ठगी पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही।
नई पीढ़ी को सुधारना उद्देश्य
इसलिए गांव के लोगों ने निर्णय लिया कि अगर साइबर ठगी और नशाखोरी को रोकना है तो, समाज के लोगों को खुद आने होगा। जिससे नई पीढ़ी को सुधारा जा सके और उनका ध्यान पढाई की तरफ किया जा सके। अगर युवा पढ़ेगा तो, समाज विकसित होगा। साइबर ठगी की वजह से मेवात पूरी तरह से बदनाम हो चुका है। अब समाज के लोगों को ही मेवात की छवि सुधारनी होगी।
साइबर ठगी और नशाखोरी करने पर 31 हजार का जुर्माना
इसलिए पंचायत में यह सख्त निर्णय लिया गया है कि अगर कोई भी गांव का व्यक्ति साइबर ठगी या नशाखोरी करता हुआ पाया गया तो, उस पर 31 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही साइबर ठगी करने वाले व्यक्ति की सूचना पंचायत को देने वाले व्यक्ति को 11 सौ रुपये से सम्मानित किया जाएगा।
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