भारत सरकार ने विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक खास पहल शुरू की है। इसके तहत लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के कंटेंट क्रिएटर्स और पत्रकारों को भारत आमंत्रित किया गया है। इन विदेशी मेहमानों को भारत की समृद्ध विरासत, संस्कृति, इतिहास और पर्यट
इस अभियान के तहत 12 देशों के कुल 24 कंटेंट क्रिएटर्स भारत आए हैं। ये देश हैं: ब्राजील, मेक्सिको, अर्जेंटीना, चिली, कोलंबिया, पेरू, पनामा, कोस्टा रिका, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिडाड एंड टोबैगो और जमैका। इन 24 में से 4 पत्रकार हैं, जबकि बाकी सभी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हैं, जिनका इन देशों में बड़ा फॉलोअर्स बेस है।

मिस कोलंबिया कैटलिना क्विंटरो।
इन सभी विदेशी मेहमानों ने राजस्थान में जयपुर से अपनी यात्रा की शुरुआत की। इसके बाद सुबह जयपुर से रवाना होकर शाम को चित्तौड़गढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग का दौरा किया। सभी मेहमानों को दुर्ग तक पहुंचाने के लिए ऑटो रिक्शा की व्यवस्था की गई थी, ताकि वे स्थानीय जीवनशैली को भी महसूस कर सकें।
दुर्ग के भ्रमण की शुरुआत कुम्भा पैलेस से हुई। इसके बाद सभी ने विजय स्तंभ, जौहर स्थल, समाधेश्वर महादेव मंदिर, और म्यूजियम सहित तमाम प्रमुख स्मारकों का दौरा किया। वहां मौजूद टूर गाइड्स ने उन्हें बहुत ही रोचक ढंग से दुर्ग और चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
इस पूरे दौरे का उद्देश्य भारत की समृद्ध संस्कृति को विश्व पटल पर प्रस्तुत करना है। इस कार्यक्रम को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा आयोजित किया गया है। मंत्रालय की विदेश प्रचार और लोक राजनय विभाग के अधिकारी रवि और अमित राघव भी इस दौरे में साथ मौजूद थे। इसके अलावा जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग, और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारी भी पर्यटकों की देखभाल और स्वागत में जुटे थे। प्रशिक्षु आईएएस रविन्द्र, एडिशनल कलेक्टर विनोद मल्होत्रा, और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विवेक जोशी ने पूरी यात्रा की व्यवस्था देखी।

मिस पेरू एंड्रिया रोसारियो ओर्टेगा रोजस।
विवेक जोशी ने बताया कि विदेश मंत्रालय समय-समय पर अलग-अलग देशों से पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को भारत में आमंत्रित करता है। इसे “फेम टूर” (FAM Tour – Familiarization Tour) कहा जाता है। इसका मकसद है कि विदेशी मेहमान खुद भारत की विविधता और खूबसूरती को देखकर अपने अनुभव अपने देश में साझा करें, जिससे भारत में पर्यटन को बढ़ावा मिले।
इस समूह में कुछ खास चेहरे भी शामिल रहे, जैसे कि मिस कोलंबिया कैटलिना क्विंटरो और मिस पेरू एंड्रिया रोसारियो ओर्टेगा रोजस। ये दोनों अपने देश में बहुत प्रसिद्ध हैं और इनके सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं। ये भारत आकर यहां की कला, संस्कृति और विरासत से बहुत प्रभावित हुईं।

कुम्भा पैलेस की दीवार पर योगा पोज देती इनफ्लुएंसर।
दक्षिण अमेरिका के गुयाना से आई कंटेंट क्रिएटर शिवानी लैचमैन का अनुभव बेहद भावुक रहा। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज 183 साल पहले भारत से गुयाना गए थे, इसलिए भारत की धरती पर कदम रखना उनके लिए सपने जैसा था। उन्होंने कहा, “भारत की ऊर्जा, हवा, मिट्टी, भोजन, वस्त्र, गहने, लोग हर चीज़ को महसूस करना एक अविस्मरणीय अनुभव है। मैं बहुत भावुक हूं कि मैं यहां आई। यहां की संस्कृति आज भी जीवित है, इमारतें सैकड़ों साल से संरक्षित हैं, लोग पारंपरिक कपड़े पहनते हैं। यह सब देखकर बहुत अच्छा लगा।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत में ही फिल्म ‘पद्मावती’ को याद किया और यहां के इतिहास को सुनकर उन्हें गर्व महसूस हुआ।
एक और कंटेंट क्रिएटर रणजीत सिंह सुन्दरप्रसाद लाल, जो साउथ अमेरिका से आए हैं, उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि भारत में सिर्फ अंग्रेजों की बनाई हुई जेलें होंगी, लेकिन यहां आकर देखा कि भारत का इतिहास बहुत ही समृद्ध और विस्तृत है।” उन्होंने प्राचीन मंदिरों के दर्शन, हाथी की सवारी, और चित्तौड़गढ़ की कला-कृतियों को बेहद सुंदर बताया। मुझे मंदिर में जाकर, इंडिया आकर सब कुछ मिल गया। उन्होंने यह सब बाते अपनी टूटी फूटी हिंदी में बताई।

हर घर तिरंगा के सेल्फी प्वाइंट पर पोज देते विदेशी मेहमान।
सभी विदेशी मेहमान चित्तौड़गढ़ में अपने अनुभवों से बेहद खुश नजर आए। वे अपने-अपने कैमरे और मोबाइल फोन से लगातार फोटो और वीडियो बना रहे थे, जिसे वे सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इन पोस्ट्स से लाखों लोग भारत की संस्कृति से जुड़ पा रहे हैं।
चित्तौड़गढ़ भ्रमण के बाद, यह पूरा दल अब उदयपुर के लिए रवाना होगा। वहां वे उदयपुर शहर, कुंभलगढ़ किला, कुंभलगढ़ म्यूजियम और सेंचुरी का भ्रमण करेंगे। इस यात्रा के दौरान उन्हें राजस्थानी संस्कृति, लोककला, हस्तशिल्प, और स्थानीय खानपान का अनुभव भी दिया जाएगा।
यह पहल 2014 के बाद शुरू हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह महसूस किया कि दुनिया के लोग भारत को सिर्फ फिल्मों और खबरों से जानते हैं। उन्होंने चाहा कि लोग खुद भारत आएं, यहां की विविधता को देखें और अपनी नजरों से भारत को समझें। इसी सोच के तहत सरकार ने सोशल मीडिया के प्रभाव को समझते हुए इंफ्लुएंसर और पत्रकारों को भारत आने का न्योता देना शुरू किया।
आज यह नीति रंग ला रही है। दुनिया भर के लोग भारत के बारे में सकारात्मक चीजें देख और सुन रहे हैं। यह न सिर्फ भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा है, बल्कि पर्यटन और विदेशी निवेश के लिए भी नए रास्ते खोल रहा है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments