प्रदेश में बच्चों की मौतों से जुड़े सिरप कांड ने हड़कंप मचा दिया है। सरकार ने कार्रवाई करते हुए केयसंस फार्मा की दवाइयां पर भी प्रतिबंध लगाया है।
इस फर्म की 22 दवाइयों पर अजमेर संभाग के सबसे बड़े जेएलएन अस्पताल में भी रोक लगाई गई है। अस्पताल के 23 दवा केंद्र पर इस कंपनी की दवा नहीं देने के लिए फार्मासिस्ट को आदेश जारी किए गए हैं। डॉक्टर्स को भी इस कंपनी की दवा नहीं लिखने के आदेश दिए हैं।

आरएमएससी ने आदेश जारी कर इन दवाओं का स्टॉक बक्से में बंद करवाया है।
आरएमएससी ने आदेश जारी कर इन दवाओं का स्टॉक बक्से में बंद करवाया है। अब इन का उपयोग तब तक नहीं होगा जब तक सरकार से जांच रिपोर्ट पर हरी झंडी नहीं मिल जाती।
जेएलएन अस्पताल में जिन 22 दवाइयों पर रोक लगाई गई है, वह जीवनरक्षक और जरूरी दवाएं में भी शामिल है, जो रोजाना मरीज को दी जाती है। अस्पताल प्रशासन अब इन दवाओं का विकल्प ढूंढने में जुटा हुआ है।
राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (आरएमएससीएल) ने आदेश जारी करते हुए कहा कि केयसंस फार्मा की सभी औषधियों, सर्जिकल और सूचर आइटमों की खरीद, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। यह निर्णय गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बाद लिया गया है।
अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉक्टर अमित यादव ने बताया कि केयसंस फार्मा कंपनी की 22 दवाइयां पर जेएलएन अस्पताल में रोक लगाई गई है। डॉक्टर के द्वारा भी इस कंपनी के दवाइयां नहीं लिखी जा रही है। जिन दवाओं पर रोक लगाई गई है, उनके अल्टरनेट ढूढने के प्रयास किया जा रहे हैं। जल्द मरीज को राहत दी जाएगी।
खांसी की सिरप तक नहीं मिल रही
अस्पताल के 23 दवा केंद्रों पर कहीं ऐसी जरूरी दवाई है जो मरीज को नहीं मिल पा रही है। मौसम में बदलाव के कारण खांसी-सर्दी के मरीज बढ़ रहे हैं। लेकिन इससे जुड़ी दवाइयां अभी काउंटर पर सिरप वगैरा नहीं दी जा रही है। जिससे मरीज को बाहर से सिर्फ अगर खरीदनी पड़ रही है।
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