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जल मिशन की तरह ही भूजल विभाग में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। नलकूपों की खुदाई व नलकूपों के जीर्णोद्धार के लिए विभाग की ड्रिलिंग मशीनों के रिपेयर के नाम पर फर्जी बिल उठाए जा रहे हैं। विभाग के पास जयपुर और जोधपुर में सेंट्रल वर्कशॉप हैं, उसके बावजूद

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विभाग से बाहर निजी वर्कशॉप से रिपेयर करवाने के लिए कोई अनुमति तक नहीं ली। बाड़मेर में एक साल में ही 41 लाख रुपए का भुगतान किया गया। भास्कर ने अलग-अलग जिलों की वर्कशॉप के नाम से उठाए बिलों की पड़ताल की तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर आदि जिलों में जिन वर्कशॉप पर रिपेयर करना बताकर भुगतान उठाया वहां हकीकत में कोई वर्कशॉप नहीं मिली।

उदयपुर में केवल दुकानें थी, तो जोधपुर व जयपुर में फर्म मालिकों ने घर को ही वर्कशॉप का पता बताया। कागजों में ही ड्रिलिंग मशीनों की रिपेयर हो रही है। यहां तक की विधानसभा में अधिकारियों ने जवाब भेजा उसमें विधायक थावरचंद मीणा को साल 2021-22 में 5.71 करोड़, विधायक रतन देवासी को इसी साल का खर्च 4.50 करोड़ बताया।

दुकान-घर की जगह वर्कशॉप बताकर रिपेयरिंग का बिल उठाया

जयपुर- घर पर वर्कशॉप बताकर उठाए 24 लाख: मनमोहन इंटरप्राइजेज ने वर्कशॉप का लोह मंडी जयपुर बता रखा। जहां कोई वर्कशॉप नहीं मिली। संचालक ने लोकेशन भेजी, जहां उनका घर मिला। घर को ही वर्कशॉप बताकर 24 लाख रुपए उठा लिए। इसी तरह नागिया ट्रैडर्स के संचालक ने खुद माना की रिपेयर का काम छोड़ दिया। फिर उनकी फर्म के नाम पर 30 लाख उठा लिए।

उदयपुर- केवल पार्ट्स की दुकान, रिपेयरिंग के नाम 19 लाख उठाए: इस फर्म के पते पर चेतक ऑटोमोबाइल के नाम पर गाड़ियों के पार्ट्स की दुकान हैं। दूसरी जगह छोटी दुकान है जो किसी ओर के नाम है,जो बंद रहती है। बावजूद रिपेयरिंग के नाम पर 19 लाख रुपए उठाए। आनंद रोकवॉल एसेसरीज व टरू एंड फायर ऑटोमोबाइल के नाम पर एक ही जगह पर दो फर्म है। जीएसटी नंबर भी एक है। दोनों फर्म ने 12.50 लाख रुपए उठाए।

जोधपुर- केवल दुकान, 36 लाख रिपेयरिंग के नाम से उठाए: स्नेह इंटरप्राइजेज के वर्कशॉप के पते प्लॉट-42 बाबू राजेंद्र मार्ग पर वर्कशॉप की जगह छोटी दुकान हैं। फिर भी 36.45 लाख भुगतान उठा लिया। रघुराज इंटरप्राइजेज एंड ट्रैडर्स और विकास इंटरप्राइजेज का भी जहां पते पर वर्कशॉप बता रखी है, वहां कुछ नहीं मिला। रघुराज फर्म ने 56.82 और विकास फर्म ने 85.80 लाख रुपए उठाए हैं।

विधानसभा में भी गलत जानकारी दी

अधिकारी विधानसभा में भी गलत जानकारी दे रहे हैं। बाड़मेर में रनीशा मोटर्स एंड रिपेयर का साल 2024-25 का 11.53 लाख का भुगतान कर दिया है। जबकि विधानसभा में इसके जीएसटी नंबर ही गलत दिए हैं ताकि गलती पकड़ में नहीं आए। दो विधायकों ने रिपेयरिंग का खर्च मांगा तो उसमें भी अलग-अलग जानकारी दी।

विभाग में निजी मशीनों से भी हो रहा है काम

विभाग में निजी मशीनों से ज्यादा कार्य करवाया जा रहा है, ताकि कमीशन भी मिले। पिछले पांच साल में हैंडपंपों की खुदाई 1382,नलकूपों का निर्माण कार्य 799 ही किया। जबकि साल में 2 हजार तक हैंडपंपों-नलकूपों की खुदाई हो सकती है। निजी मशीनों से 5 साल मेंं 1464 पीजोमीटर की खुदाई की। विभाग की ड्रिलिंग मशीन की खुदाई का रेट 1238 रुपए प्रति मीटर हैं, तो वहीं प्राइवेट मशीनों की रेट 540 से 580 रुपए प्रति मीटर ही हैं।

सबूत हो तो बात करें: सूरजभान

“मेरे को इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। आप फर्जी बिल से भुगतान का बता रहे है तो आप सबूत दो तो ही बात करें, बिना सबूत के इस बारे में मैं क्या बोलूं। आप कोई कागज दो, तो बात करेंगे।” – सूरजभान सिंह, चीफ इंजीनियर, भूजल विभाग (GWD)



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